Government Clarifies Viral Claim: सरकार पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (फ्लेक्स फ्यूल) को बढ़ावा दे रही है. इसी दिशा में E85 फ्यूल की बिक्री भी शुरू कर दी गई है. इस बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि यदि इथेनॉल मिश्रित तेल के कारण गाड़ी के इंजन में कोई खराबी आती है तो बीमा कंपनी क्लेम स्वीकार नहीं करेगी. हालांकि, सरकार ने इन दावों को गलत बताया है और स्पष्ट किया है कि E20 तेल इस्तेमाल करने पर भी वाहन का इंश्योरेंस मिलेगा.
PIB ने वायरल दावे को बताया गलत
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की PIB फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि E20 फ्यूल के उपयोग से इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने की बात पूरी तरह झूठी है.
Some social media posts are claiming that using E20 fuel could lead to rejection of vehicle insurance claims.#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 16, 2026
❌ This claim is #FAKE
✅ Motor insurance policies remain valid with the use of E20 fuel.
🔎 Always verify such claims through official sources before… pic.twitter.com/XufhIQ7xI2
यूनिट के अनुसार, E20 तेल इस्तेमाल करने वाले गाड़ी मालिकों की मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी पहले की तरह ही मान्य रहती है. इसलिए ऐसे वाहन किसी भी वैध बीमा दावे के लिए पात्र रहेंगे.
जानकारी की पुष्टि करना जरूरी
PIB ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले ऑफिशियल स्रोतों से जांच जरूर करें. गलत और भ्रामक जानकारियों से बचना चाहिए, ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो.
E20 को लेकर रिपोर्ट में क्या कहा गया?
- भारत में केपीएमजी की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश का इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब E20 फ्यूल का उपयोग देशभर में शुरू हो चुका है.
- रिपोर्ट में इस क्षेत्र के भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है.
- इनमें कच्चे माल की उपलब्धता, सप्लाई चेन की क्षमता, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं.
