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NEET 2026 री-एग्जाम से पहले EOU का बड़ा अलर्ट, फर्जी पेपर बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, यहां करें शिकायत

Strict action will be taken for leaking the paper

पेपर लीक करने पर होगी सख्त कार्यवाई

EOU Action on Selling Fake Papers: नीट-2026 का री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. इसे लेकर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने छात्रों और पेरेंट्स के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी फेक जानकारी पर बिना जांच किए भरोसा न करें, क्योंकि ठग इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं. ऐसे में इन लोगों के जाल में न फंसे और इसकी तुरंत शिकायत करें.

सोशल मीडिया पर फैल सकती हैं फेक जानकारियां

EOU के अनुसार, परीक्षा के दौरान साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स का इस्तेमाल कर गलत सूचनाएं फैला सकते हैं.

फेक क्वेशन पेपर, परीक्षा से जुड़ी झूठी खबरें और अफवाहों के जरिए छात्रों को भ्रमित करने की आशंका है. इसलिए उम्मीदवारों को केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए.

फेक जानकारी दिखे तो तुरंत सूचना दें

आर्थिक अपराध इकाई ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र, उत्तरपत्र या परीक्षा में मदद दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसके झांसे में बिल्कुल न आएं. ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या साइबर थाना में दें. साथ ही किसी भी फेक संदेश को आगे शेयर करने से बचें.

शिकायत कहां दर्ज कर सकते हैं?

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दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

ईओयू ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता 2023 में भी परीक्षा संबंधी अपराधों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है.

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