प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बड़े अधिकारियों को अपने यहां 'ई-जीरो एफआईआर' का सिस्टम तुरंत चालू करने के लिए कहा है. सरकार का मकसद ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और पैसों की साइबर ठगी को रोकना और पीड़ितों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाना है.
Gwalior: ग्वालियर में साइबर ठगों ने स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड 69 वर्षीय लैब टेक्नीशियन महिला को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाकर एक करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है.
इसमें एक अनजान व्यक्ति आपके पास आता है और मजबूरी दिखाकर कहता है कि उसे तुरंत कैश की जरूरत है. आपका भरोसा जीतने के लिए वह आपके बैंक खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर भी कर देता है. इसके बाद वह आपसे उतने ही नकद पैसे मांगने लगता है.
CM Mohan Yadav announces center: दरअसल, सोमवार को भोपाल में राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला "Strengthening Cyber Security Framework for State Data" का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश का पहला साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर महू में खोलने की घोषणा की.
Credit Card Scam: आजकल साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. इनमें से एक तरीका क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान से जुड़ा है. इस बारे में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
NEET 2026 Re-Exam EOU Update: ईओयू ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
New MRM Portal Launch: गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) ने नया 'मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM)' पोर्टल शुरू किया है. इस पोर्टल के माध्यम से पीड़ित लोग घर बैठे ही ऑनलाइन रिफंड के लिए आवेदन कर सकेंगे और अपनी होल्ड की गई राशि वापस पाने की प्रोसेस को आसानी से पूरा कर सकेंगे.
AI Biometric Scam: आज अगर आप किसी कंपनी में जॉब के लिए अप्लाई करते हैं, तो उसके लिए कंपनी ऑनलाइन इंटरव्यू लेती है. ठगों ने अब इसी प्रक्रिया को अपना नया ठिकाना बना लिया है और वे ऑनलाइन इंटरव्यू के नाम पर 'AI बायोमेट्रिक स्कैम' कर रहे हैं.
Fake Smartphone Websites: ये ऑनलाइन ठग असली दिखने वाली नकली अमेजन या फ्लिपकार्ट जैसी वेबसाइट्स बनाकर लोगों को सस्ते दामों का झांसा देते हैं. जब आप सामान की डिलीवरी लेते हैं, तो ये शातिर कैश ऑन डिलीवरी के बहाने आपसे एक क्यूआर (QR) कोड स्कैन करवाते हैं, जिससे आपके खाते से पैसे कट जाते हैं.
Reels Scam: साइबर अपराधी फर्जी कमाई वाले ऐप्स और वेबसाइट्स का सहारा लेते हैं. ये लोग दावा करते हैं कि वीडियो देखने, लाइक करने या छोटे-छोटे टास्क पूरे करने पर पैसे मिलेंगे. जब कोई यूजर इन ऐप्स को डाउनलोड करता है, तो उससे कई तरह की परमिशन मांगी जाती हैं.