RBI SMS Charge Relief: बैंक ग्राहकों को राहत, अब नहीं देना होगा SMS चार्ज, जानें RBI का नया नियम
आरबीआई का नया नियम
New Banking Rules Update: बैंक ग्राहकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. हाल ही में RBI ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत देश के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों के लिए इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा. आरबीआई का यह कदम बैंक ग्राहकों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है, लेकिन बैंकों की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. RBI के निर्देशानुसार, बैंक अब अपने ग्राहकों से कुछ SMS के शुल्क नहीं लेंगे. यानी अब कस्टमर्स को बैंकों द्वारा भेजे जाने वाले चुनिंदा एसएमएस अलर्ट्स के लिए पैसे नहीं देने होंगे.
SMS अब बिल्कुल फ्री
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए आदेश के अनुसार, अब बैंक अपने ग्राहकों से जरूरी और प्रचार वाले SMS के लिए पैसे नहीं ले सकते हैं. इनमें बैंक नियमों से जुड़ी जानकारियां, जागरूकता संदेश और विज्ञापनों वाले SMS शामिल हैं. इससे पहले लगभग सभी बैंक इन संदेशों के खर्च के नाम पर अपने ग्राहकों से हर तीन महीने में 15 से 18 रुपये तक का शुल्क वसूलते थे, जो अब पूरी तरह बंद हो जाएगा.
छोटे ट्रांजैक्शन पर SMS अब अनिवार्य नहीं
RBI के नए नियम के तहत बैंकों के लिए 500 रुपये या उससे कम के लेन-देन पर SMS अलर्ट भेजना अब जरूरी नहीं होगा. बैंक अब ऐसे छोटे ट्रांजैक्शन की जानकारी देने के लिए SMS के बजाय ईमेल या ऐप नोटिफिकेशन जैसे दूसरे डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके बावजूद, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे बड़े प्राइवेट बैंक इस सर्विस को बंद नहीं करेंगे. इन बैंकों का मानना है कि तुरंत SMS भेजने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलती है.
SMS चार्ज खत्म होने से बैंकों को भारी घाटा
विशेषज्ञों के मुताबिक, SMS चार्ज बंद होने से बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान होगा. उदाहरण के लिए, 5 करोड़ ग्राहकों वाले किसी बड़े बैंक को हर साल लगभग 360 करोड़ रुपये की कमाई का घाटा हो सकता है. हालांकि, बैंक अब सीधे तौर पर SMS का पैसा नहीं वसूल सकते, इसलिए वे इस नुकसान की भरपाई दूसरे रास्तों से कर सकते हैं. इसके लिए बैंक आपके अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज, मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाली पेनाल्टी या दूसरी सर्विस फीस को बढ़ा सकते हैं.