WhatsApp Scam Message Detection: WhatsApp ने ऑनलाइन स्कैम और फ्रॉड मैसेज से यूज़र्स को बचाने के लिए ‘Scam Alert’ फीचर की टेस्टिंग शुरू की है. इसका लिमिटेड बीटा रोलआउट 12 अगस्त 2026 से कुछ चुनिंदा यूज़र्स के लिए शुरू हुआ है. यह एक ऑप्शनल फीचर है, जिसे यूज़र अपनी जरूरत के हिसाब से ऑन या ऑफ कर सकते हैं.
कैसे काम करेगा Scam Alert?
फीचर ऑन करने पर फोन में एक मशीन लर्निंग मॉडल डाउनलोड होगा. यह मॉडल डिवाइस के अंदर ही काम करेगा और खासतौर पर उन लोगों के मैसेज को जांचेगा, जो यूज़र की कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं. यह पहले रिपोर्ट किए गए स्कैम से जुड़े पैटर्न को पहचानने की कोशिश करेगा.
फेक मैसेज पर मिलेगी चेतावनी
अगर मॉडल को किसी चैट में स्कैम जैसा पैटर्न दिखाई देता है, तो यूज़र को चैट में एक वॉर्निंग दिखाई देगी. यह चेतावनी सिर्फ यूज़र को नजर आएगी. इसके बाद यूज़र उस व्यक्ति को ब्लॉक या रिपोर्ट कर सकता है या बातचीत जारी रख सकता है. गलत वॉर्निंग होने पर चैट को Trusted मार्क करने का ऑप्शन भी मिलेगा.
प्राइवेसी का रखा जाएगा ध्यान
Meta के अनुसार, इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को प्रभावित किए बिना काम करता है. मैसेज का कंटेंट जांच के लिए फोन से बाहर नहीं भेजा जाता. यानी मैसेज WhatsApp, Meta या किसी अन्य पक्ष के पास नहीं जाता.
लिमिटेड डेटा ही किया जाएगा शेयर
कंपनी के अनुसार, फीचर की टेस्टिंग और काम करने की क्षमता जांचने के लिए बहुत सीमित और डेटा शेयर किया जा सकता है. इसे सुरक्षित Confidential Computing Environment में प्रोसेस किया जाता है.
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सुरक्षा जांच में मदद करेंगे रिसर्चर्स
Meta ने इस सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अपने Bug Bounty Program को भी बढ़ाया है. बाहरी सिक्योरिटी रिसर्चर्स फीचर की जांच कर कमियां मिलने पर कंपनी को रिपोर्ट कर सकेंगे. अपनी सेटिंग्स में जाकर Scam Alert से जुड़ी ऐक्टिविटी देख सकेंगे. हालांकि, फिलहाल यह फीचर सिर्फ चुनिंदा यूज़र्स के लिए उपलब्ध है और बाकी के लिए बाद में लॉन्च किया जाएगा.
