Meta Business Platform Rule: आज लगभग हर स्मार्टफोन यूजर WhatsApp चैटिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहा है. यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां फोटो, वीडियो, डॉक्युमेंट्स से लेकर चैट तक हर काम WhatsApp के जरिए होता है. हाल ही में Meta ने एक जानकारी शेयर की है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि अब WhatsApp पर चैटिंग करने के पैसे देने होंगे. WhatsApp चैटिंग चार्ज की यह खबर सोशल मीडिया से लेकर चारों तरफ वायरल हो रही है. अब ऐसे में सवाल है कि आखिर Meta WhatsApp यूजर्स से चैटिंग के लिए कितना पैसा लेगा और क्या यह नियम WhatsApp चैटिंग ऐप के सभी यूजर्स के लिए है या नहीं. आइए जानते हैं.
WhatsApp चैटिंग के लिए किसे पैसा देना होगा?
दरअसल, Meta ने आज 1 अक्टूबर 2026 से सर्विस और यूटिलिटी मैसेजिंग को लेकर नए नियम लागू कअर दिए हैं. इसका सीधा संबंध कमर्शियल प्लेटफॉर्म WhatsApp Business API के बिलिंग नियमों से है. अब आपके मन में यह सवाल होगा कि क्या WhatsApp पर मैसेज भेजने के लिए पैसे देने होंगे. तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. बता दें कि पहले की तरह ही अब भी आम यूजर्स बिल्कुल फ्री में WhatsApp का इस्तेमाल कर सकेंगे. बिजनेस अकाउंट वालों को भी किसी भी तरह का चार्ज नहीं देना होगा. WhatsApp पर चैटिंग के लिए लगने वाला चार्ज केवल बड़े कॉर्पोरेट और एंटरप्राइज लेवल के Business API अकाउंट के लिए है.
कौन देगा मैसेजेस के पैसे?
WhatsApp हर मैसेज के लिए उन कंपनियों, बैंकों, ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स और बड़े स्टार्टअप्स से पैसा लेगा, जो ग्राहकों को बड़ी संख्या में ऑटोमेटिक मैसेज भेजते हैं. इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि जब आपके पास बैंक का बैलेंस अलर्ट, ई-कॉमर्स साइट की डिलीवरी अपडेट या किसी कंपनी का OTP आता है, तो उस मैसेज का पैसा वो कंपनी देती है. यह पूरा पैसा सीधे Meta के पास जाता है.
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कितना चार्ज लगेगा?
Meta के नए नियमों के अनुसार, सबसे ज्यादा चार्ज मार्केटिंग मैसेज पर लगेगा. अगर कोई कंपनी ऑफर, सेल या प्रमोशन का मैसेज भेजती है तो उसे लगभग 0.86 रुपये प्रति मैसेज देना होगा. इसके अलावा ऑर्डर स्टेटस, डिलीवरी अपडेट और OTP जैसे यूटिलिटी मैसेज के लिए करीब 11.5 पैसे प्रति मैसेज चार्ज लगेगा, जो GST के साथ लगभग 14 पैसे ही जाएगा.
