Sher Singh Counterfeit Currency: नाम शेर सिंह काम नकली नोट छापना. कानपुर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने पढ़ाई तो 5वीं तक ही की, लेकिन दिमाग से बहुत शातिर था. उसने नकली नोट छापना शुरू कर दिया, लेकिन कहते हैं न कोई कितना भी बड़ा शातिर हो. कानून की नजर से कोई नहीं बच सकता. फिलहाल, पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरफ्तार कर लिया है. शेर सिंह के साथ दो और आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जिनका क्रिमिनल बैकग्राउंड मिला है. जानें क्या है पूरा मामला.
पुलिस ने बताया कि नकली नोट छापने वाले मुख्य आरोपी शेर सिंह को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने पढ़ाई तो नहीं की लेकिन प्रिंटर की मदद से नकली नोट जरूर छापने की कला सीख ली. आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के निशाने पर रेलवे स्टेशन के आसपास की छोटी दुकानें और भीड़भाड़ वाले बाजार थे. ताकि नोटों को आसानी से खपाया जा सके.
घर से नकली नोट बरामद
पुलिस ने जब आरोपियों को पकड़ा और उनके ठिकाने पर दबिश दी तो हैरान रह गई, क्योंकि वहां पर 100 रुपए की करीब 1,991 नकली नोट, 50 रुपए 71 और 500 रुपए के 4 नोट मिले. यानी पुलिस को कुल 2 लाख 4 हजार 650 रुपए मिले हैं. आरोपी 100 की नोट इसलिए ज्यादा छापते थे, ताकि सामने वाला ज्यादा जांच परख नहीं करे और नोट को खपाने में आसानी हो.
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पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल, पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि यह मामला सिर्फ कानपुर तक ही सीमित है या फिर आसपास के जिलों के लोग भी इसमें शामिल हैं. मुख्य आरोपी शेर सिंह पर पहले से 4 मामले दर्ज हैं. जबकि उसके साथ ही सोमिल गुप्ता के खिलाफ 5 मामले, रोशल अली के खिलाफ 7 मामले दर्ज हैं.
