Bahujan Samaj Party: बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे को पार्टी में वापस लेने का फैसला किया है. मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आकाश आनंद के व्यवहार में काफी परिवर्तन आया है. उन्होंने पार्टी में वापसी को लेकर अनुरोध भी किया है. यानी अब आकाश आनंद को पार्टी में फिर से पार्टी में जिम्मेदारियों के साथ काम करने का मौका दिया जा रहा है. आकाश आनंद पार्टी में नेशनल कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी संभालेंगे. उम्मीद है कि अब बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा.
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है. इसी को मद्देनजर रखते हुए पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, कई सख्त फैसले भी लिए गए हैं. जिसमें मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग भी शामिल रहे हैं. यह बात जग-जाहिर है.
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमूपज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व उनके परम अनुयायी मान्यवर श्री कांशीराम जी की देश भर में बहुजन-हित हेतु ज़बरदस्त त्याग-तपस्या, आजीवन कड़ा संघर्ष व उनके उच्च आदर्श हमेशा ही प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं, जिस पर चलकर ही बी.एस.पी. ने देश की राजनीति में अभूतपूर्व सफलतायें अर्जित की हैं और अब ख़ासकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव को लेकर सर्वसमाज के साथ उत्साहपूर्ण ज़बरदस्त तैयारी भी की जा रही है। 2. यहाँ यह भी कहना हैं कि मेरा निजी नहीं बल्कि पूरा ’बहुजन समाज’ ही मेरा विराट परिवार है और उनका हित व कल्याण मेरे लिये सर्वोपरि है और हमेशा ही रहेगा। इसी को मद्देनज़र रखते हुये व ख़ासकर पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिये ही मेरे द्वारा पिछले कुछ दिनों में, अनेकों सख़्त फैसले भी लिये गये हैं और इसको लेकर मेरे अपने भाई-बहन व उनके परिवार के लोग कभी भी अपवाद नहीं रहे हैं, जो कि जग-ज़ाहिर है। 3. वैसे तो श्री आकाश आनन्द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ ज़रूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अन्ततः श्री आकाश आनन्द के ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है। * जिसके बाद से श्री आकाश आनन्द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका ख़ास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ’एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है। 4. इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि श्री आकाश आनन्द के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाये, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द ने भी अपनी सहमति जताई है। वास्तव में श्री ईशान आनन्द ने तो अपनी मिशनरी भावना प्रदर्शित करते हुये यह भी कहा है कि वे बिना किसी पद के ही पार्टी में मा. बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी उनको कार्य सौंपे जायेंगे तो उसे वे अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से ज़रूर निभायेंगे। 5. ऐसे में अब पार्टी काफी सोच-विचार करने के बाद पार्टी व मूवमेन्ट के हित में श्री आकाश आनन्द को पुनः बी.एस.पी. का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वेनर) बनाकर इनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौक़ा दे रही है। उम्मीद है कि श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति सेे संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालाँकि यह काफी कुछ श्री आकाश आनन्द के ऊपर भी निर्भर करेगा। 6. इन्ही कुछ ज़रूरी बातों के साथ ही अब मैं पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज लिये गये इस फैसले के साथ ही श्री आकाश आनन्द के राजनैतिक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ ही इनको (श्री आकाश आनन्द) व इनके छोटे भाई श्री ईशान आनन्द को तथा इनके पिता श्री आनन्द कुमार को भी अपना बहुत-बहुत प्यार व आशीर्वाद देती हूँ। इतना ही नहीं बल्कि पिछले दिनों हर परिस्थिति में मेरा साथ निभाने के लिए ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों का व अपने सभी शुभचिन्तकों आदि का भी मैं पूरे तहेदिल से व सम्मान के साथ उनका आभार भी प्रकट करती हूँ।
— Mayawati (@Mayawati) October 5, 2026
आकाश आनंद के व्यवहार में परिवर्तनः मायावती
आकाश आनंद को लेकर उन्होंने कहा कि वैसे तो आकाश का व्यवहार पार्टी में हमेशा ही काफी हद तक ठीक-ठाक रहा है. लेकिन इसके बावजूद पार्टी में कई बड़े बदलाव करने पड़े. आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को तो राजनीति से भी संन्यास लेना पड़ा. अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आकाश आनंद के व्यवहार में काफी परिवर्तन आया है. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट कर माफी मांगी है और पार्टी में फिर से मौका देने की बात कही.
BSP में फिर से मिली जिम्मेदारी
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उनकी पूर्व की दी गई जिम्मेवारियों के साथ पार्टी में फिर से कार्य करने का मौका दिया जा रहा है. आकाश आनंद की वापसी के लिए उनके छोटे भाई ईशान आनंद और पिता आनंद कुमार ने भी सहमति जताई है. जिसके बाद यह फैसला लिया गया है.
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फिलहाल, अब एक बार फिर आकाश आनंद को पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कोआर्डिनेटर) की जिम्मेदारी दी गई है. मायावती ने कहा कि उम्मीद है कि अब बार-बार पार्टी संगठन में बदलाव नहीं करना पड़ेगा.
