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परंपरागत सीट, मजबूत दावेदारी… SP-कांग्रेस में सीट बंटवारे का फार्मूला तय!

Rahul Gandhi And Akhilesh Yadav

राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव (File Photo)

UP Election Seat Formula: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए गिना-चुना ही समय बचा है. एक ओर सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी फिर से सत्ता में वापसी करने के लिए पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है, तो वहीं 10 साल से सत्ता से बाहर रही विपक्ष भी इस बार के चुनाव में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती. शायद यही वजह है कि अखिलेश यादव अपने साथ राहुल गांधी को लेकर चुनाव लड़ने जा रहे हैं. हालांकि, गठबंधन को लेकर काफी समय से चर्चा की जा रही है, लेकिन अभी यह क्लियर नहीं हुआ है कि कांग्रेस और सपा कितनी-कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. इसके लिए सपा-कांग्रेस ने कई शर्तें भी रखी हैं.

जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी अपनी सभी परंपरागत सीटों को अपने पास ही रखना चाहती है. ऐसी सीटों पर कोई बटवारा नहीं किया जाएगा. इसके अलावा जिन सीटों पर यानी कि पिछले चुनाव में भले ही उनके प्रत्याशी हार गए थे, लेकिन दावेदारी मजबूत रही. उन सीटों को भी सपा नहीं छोड़ना चाहती है. संभावना है कि जल्द ही दिल्ली में सपा-कांग्रेस की बैठक होगी, जिसमें सीट बंटवारे का ऐलान हो सकता है.

लोकसभा चुनाव में दिखा गठबंधन का असर

सपा और कांग्रेस ने मिलकर इस बार का लोकसभा चुनाव लड़ा था. जिसमें अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला. इस चुनाव परिणाम के बाद सपा-कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में भी अच्छे परिणाम की उम्मीद है. लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर यूपी में एनडीए गठबंधन को पछाड़ दिया था. इतना ही नहीं, जब-जब कांग्रेस और सपा का गठबंधन रहा तब-तब पहले की अपेक्षा ज्यादा अच्छा परिणाम देखने को मिला है.

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जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी ऐसी किसी भी सीट पर समझौता नहीं करना चाह रही है, जहां पर उसके परंपरागत प्रत्याशी जीतकर आते हैं और कोर वोट बैंक है. वहीं, कांग्रेस भी अपनी मजबूत दावेदारी वाली सीट नहीं छोड़ना चाहती है. अब देखना यह होगा कि इस गठबंधन का यूपी चुनाव में क्या प्रभाव देखने को मिलता है.

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