भारत की पहली डिजिटल जनगणना में होगी जाति की भी गिनती, पहला चरण एक अप्रैल से 30 सितंबर तक होगा

जनगणना का उद्देश्य भारत में रहने वाले हर व्यक्ति की गिनती और उसकी आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाना है. हालांकि भारत में अग्रेजों ने इसकी शुरुआत की थी. पहली बार 1871 में लोगों की गिनती की गई थी.
India's first digital census.

भारत की पहली डिजिटल जनगणना.

India first digital census: भारत की पहली डिजिटल जनगणना का ऐलान हो चुका है. पहली जनगणना अप्रैल 2026 से शुरू होगी. गृह मंत्रालय ने पहले चरण की जनगणना का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके मुताबिक भारत की पहली डिजिटल जनगणना एक अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगी. जनगणना हर 10 साल में होती है, लेकिन कोविड के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. जनगणना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी की जाएगी.

90 साल बाद होगी जातिगत जनगणना

देश की पहली डिजिटल जनगणना साल 2027 में होगी. साथ ही आजादी के बाद पहली बार जाति की गिनती भी करवाई जाएगी. इसके पहले साल 1931 में जाति आधारित जनगणना हुई थी, यानी 90 साल बाद पहली बार जाति की गिनती होने जा रही है. पिछले साल दिसंबर में 12 तारीख को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने जनगणना के प्रस्तावा को मंजूरी दी थी. इसके लिए 1,718.2 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

30 लाख कर्माचारी डेटा कलेक्ट करेंगे

देश में जनगणना का काम दो चरणों में होगा. पहला चरण अप्रैल से सितंबर के बीच चलेगा. इसमें घरों की लिस्ट बनाना और आवास जनगणना शामिल है. वइसमें ये जानकारी ली जाएगी कि घर पक्का है या कच्चा. बिजली, पानी, शौचालय की सुविधा है या नहीं हैं. यह प्रक्रिया मोबाइल ऐप और टैबलेट के जरिए की जाएगी. इसमें 30 लाख कर्मचारी डेटा कलेक्ट करेंगे. वहीं फरवरी 2027 में जनसंख्या जनगणना करवाई जाएगी.

इसके पहले अब तक हुई जनगणना में कागज और कमल का इस्तेमाल करके डेटा इकट्ठा किया जाता था. ये पहली बार है कि जब जनगणना डिजिटल तरीके से की जाएगी.

क्यों की जाती है जनगणना?

जनगणना का उद्देश्य भारत में रहने वाले हर व्यक्ति की गिनती और उसकी आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाना है. हालांकि भारत में अग्रेजों ने इसकी शुरुआत की थी. पहली बार 1871 में लोगों की गिनती की गई थी. इसके बाद से 1981 से अब तक हर 10 साल में जनगणना करवाई जाती है. 1931 में एकमात्र बार जाति जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक किए गए थे. 2011 में भी सरकार ने जाति जनगणना करवाई थी, हालांकि उसके आंकड़े नहीं जारी किए थे.

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