छत्तीसगढ़ का रहस्यमयी गांव, जहां घरों में सामने की तरफ दरवाजा नहीं रखते ग्रामीण, आज भी गांव में दहशत का माहौल
हरिश साहू (कोरबा)
CG News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक ऐसा गांव है, जहां अदृश्य शक्ति का प्रकोप है. लोगों को हर वक्त किसी अनहोनी का डर सताता है. दहशत ऐसी कि ग्रामीण अपने घरों के सामने की तरफ दरवाजा नहीं रखते. इस डरावनी कहानी का राज क्या है? इस रिपोर्ट में देखते हैं.
छत्तीसगढ़ का रहस्यमयी गांव
दशकों पुराने कच्चे मकान, जिसकी बनावट में रहस्य छिपा है. घरों में दरवाजा नजर नहीं आता, और ना ही बाहर मकान मालिक का नेम प्लेट है. ये तस्वीर कोरबा मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर भटगांव की है. बुजुर्ग बताते हैं कि सालों पहले इस गांव में भूत का साया मंडराता था. प्रेत आत्मा घर में घुसकर तांडव करते थे. भयभीत ग्रामीणों ने बैठक कर घरों का दरवाजा पीछे की तरफ रखने की योजना बनाई.
जहां घरों में सामने की तरफ दरवाजा नहीं रखते ग्रामीण
ये मामला करीब डेढ़ सौ साल पुराना है. उस जमाने में इलाके में जंगली जानवरों का आतंक था. शाम ढलते ही खूंखार जानवर गांव में घुस जाते थे. कई बार लोगों पर हमला भी कर चुके थे. दरवाजा पीछे की तरफ रखने से अदृश्य शक्तियों का तांडव कम होने के साथ ही जानवरों का खतरा भी टल गया. हालांकि अब नए जनरेशन के लोग शहरी अंदाज में मकान बना रहे है. मगर पुराने लोग आज भी दहशतज़दा रहते हैं.
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आज भी गांव में दहशत का माहौल
भटगांव के आगे परसाखोला पिकनिक स्पॉट है. पर्यटक इसी रास्ते का इस्तेमाल करते है. गली से गुजरते घरों की अलग बनावट को देखकर वो भी हैरान रहते है. आमतौर पर मकानों का दरवाजा सामने की तरफ रहता है लेकिन भटगांव के पुराने मकानों में दरवाजा नजर नहीं आता. भले ही युवा वर्ग इस मान्यता से इत्तफाक नहीं रखता, मगर ये कहानी अपने आप में दिलचस्प और जिज्ञासा का विषय बना हुआ है.