मिडिल ईस्ट में शांति की पहल करेगा भारत, डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया

Trump Invited India For Peace Board: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है. अमेरिका ने पाकिस्तान को भी न्योता दिया है. पाक विदेश विभाग के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि इस्लामाबाद को वॉशिंगटन की ओर से आमंत्रण मिला है.
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यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी

Trump Invited India For Peace Board: अमेरिका ने भारत को गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया है. ये अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का दूसरा चरण है. इस बोर्ड की स्थापना उद्देश्य इजरायल और हमास के बीच युद्ध को पूरी तरह खत्म करना है. ऐसी खबरें आ रही हैं कि युद्धविराम के बीच भी इजरायल, गाजा पर हमला कर रहा है.

भारत में अमेरिकी राजदूत ने दी खबर

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोरे ने एक संदेश शेयर किया. इसमें लिखा हुआ था कि पीएम नरेंद्र मोदी को बोर्ड ऑफ पीस में भाग लेने के लिए यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने आमंत्रित किया है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे गर्व है कि मैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आमंत्रण पीएम नरेंद्र मोदी को दे रहा हूं.

उन्होंने आगे लिखा कि वे बोर्ड ऑफ पीस में भाग लें, इससे गाजा में स्थायी शांति आएगी. ये बोर्ड प्रभावशाली शासन का समर्थन करेगा, इससे स्थिरता और समृद्धि आएगी.

पाकिस्तान को भी मिला न्योता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनियाभर के 60 देशों के न्योता दिया है. फिलहाल ज्यादातर देशों ने आमंत्रण पर चुप्पी साध रखी है. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है. अमेरिका ने पाकिस्तान को भी न्योता दिया है. पाक विदेश विभाग के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि इस्लामाबाद को वॉशिंगटन की ओर से आमंत्रण मिला है.

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क्या है गाजा पीस बोर्ड?

  • डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (15 जनवरी 2026) को गाजा बोर्ड ऑफ पीस के दूसरे चरण की घोषणा की थी. इस कदम को वे युद्ध खत्म करने के लिए अहम मानते हैं. इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति हैं. बोर्ड गाजा के रोजाना के मामलों को संभालने के लिए एक तकनीकी कमेटी का निरीक्षण करेगा.
  • ये युद्धविराम फ्रेमवर्क का हिस्सा होगा. इस बोर्ड का सबसे अहम उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता लाना है. इसके साथ ही पुनर्विकास के कार्यों के लिए रणनीति बनाना. इस क्षेत्र को रहने लायक बनाने के लिए दुनियाभर से धनराशि जुटाई जाएगी.

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