BCCI Central Contracts: रोहित-विराट को लग सकता है करोड़ों का ‘झटका’! खत्म होगी A+ कैटेगरी, जानें नया प्लान

BCCI Central Contracts: भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों के लिए बीसीसीआई से एक चौंकाने वाली खबर आ रही है. ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम से ग्रेड 'A+' कैटेगरी को हमेशा के लिए खत्म करने की योजना बना रहा है.
Virat Kohli and Rohit Sharma

विराट कोहली और रोहित शर्मा

BCCI Central Contracts: भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों के लिए बीसीसीआई से एक चौंकाने वाली खबर आ रही है. ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम से ग्रेड ‘A+’ कैटेगरी को हमेशा के लिए खत्म करने की योजना बना रहा है. यदि यह नया मॉडल लागू होता है, तो रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों को सीधे ‘Grade B’ में डिमोट किया जा सकता है.

क्या है चयन समिति का नया प्रस्ताव?

सिलेक्शन कमिटी ने बीसीसीआई को सुझाव दिया है कि अब केवल तीन कैटेगरी—A, B और C—को ही जारी रखा जाना चाहिए. वर्तमान में ‘A+’ कैटेगरी में रहने वाले खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते हैं. अब खिलाड़ियों को इस आधार पर परखा जाएगा कि वे कितने फॉर्मेट खेल रहे हैं और टीम के लिए उनकी वर्तमान उपयोगिता क्या है.

बुमराह और जडेजा की स्थिति

पोर्ट्स के अनुसार, जसप्रीत बुमराह को उनकी तीनों फॉर्मेट में उपयोगिता के कारण Grade A (शीर्ष श्रेणी) में रखा जा सकता है. वहीं, रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ रवींद्र जडेजा को भी Grade B में डिमोट किए जाने की प्रबल संभावना है.

पिछला कॉन्ट्रैक्ट (अप्रैल 2025)

साल 2025 में जारी किए गए अनुबंधों में खिलाड़ियों की स्थिति कुछ इस प्रकार थी:

Grade A+ (₹7 Cr): रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा.
Grade A (₹5 Cr): मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत.
Grade B (₹3 Cr): सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर.
Grade C (₹1 Cr): रिंकू सिंह, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा समेत 19 खिलाड़ी.

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क्यों हो रहा है यह बदलाव?

रिपोर्ट्स की मानें तो बीसीसीआई अब उन खिलाड़ियों को अधिक महत्व देना चाहता है जो तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में खेल रहे हों. रोहित और विराट अब केवल वनडे मैचों का हिस्सा हैं और उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय से दूरी बना ली है, इसलिए बोर्ड उन्हें ‘टॉप ब्रैकेट’ में रखने के पक्ष में नहीं है.

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