Kawardha: 7 करोड़ के धान घोटाला के बाद अब शिक्षा विभाग में ‘महाघोटाला’, 2 अरब से ज्यादा रकम का कोई हिसाब ही नहीं
कवर्धा में अरबों का 'महाघोटाला'
Kawardha News (वेदांत शर्मा): छत्तीसगढ़ का कवर्धा जिले इस बार घोटाले नहीं बल्कि ‘महाघोटाले’ को लेकर सुर्खियों में आ गया है. हाल ही में यहां 7 करोड़ का धान घोटाला सामने आया था. जब इसे लेकर जिम्मेदारों से जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा कि चूहे धान खा गए. अब यहां शिक्षा विभाग से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग की वित्तीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस विभाग में तीन साल के अंदर कोषालय से 2 अरब 18 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का निकाल ली गई, जिसका स्पष्ट हिसाब विभाग के पास ही नहीं है. वहीं, ऑडिट में कैश बुक और वाउचर तक गायब पाए गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
कवर्धा जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है. जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित ऑडिट टीम ने जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कवर्धा का परीक्षण किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.
- अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच कोषालय से 2,18,04,87,344 रुपए की राशि निकाली गई
- विभाग के पास इस राशि के व्यय का पूरा और प्रमाणित लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है
- ऑडिट के दौरान कैश बुक अधूरी मिली
- कई वाउचर और व्यय अभिलेख गायब पाए गए, जिससे सरकारी धन के उपयोग पर गंभीर संदेह खड़ा हो गया है.
- वहीं, RTI से मिली जानकारी के अनुसार कार्यकाल में कई वित्तीय मामलों में अनियमितताएं हुईं है.
इस पूरे मामले को लेकर सूत्रों का कहना है कि एरियर्स भुगतान से जुड़े कई मामलों की फाइलें लंबित और संदिग्ध स्थिति में हैं. वहीं, अब यह मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला स्तर के अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था के बावजूद इतनी बड़ी राशि बिना स्पष्ट रिकॉर्ड के कैसे निकल गई. यह प्रशासनिक मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी सवाल खड़े करता है. मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज है. अंदरखाने रिकॉर्ड दुरुस्त करने और मामले को दबाने की कोशिशों की भी चर्चा है. हालांकि, प्रशासन की ओर से इस पर कोई अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.