UGC कानून से क्यों लग रहा है सवर्णों को डर? अगड़ी जातियां खुलकर कर रही हैं विरोध
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UGC Law: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी (UGC) का नया कानून विवादों में है. सवर्ण समाज ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. कई राज्यों में अगणी जाति के लोग इसको लेकर सड़कों पर आ गए हैं. जहां एक ओर सरकार की तरफ से तर्क दिया जा रहा है कि इससे भेदभाव रोकने में मदद मिलेगी, वहीं अगड़ी जातियों का कहना है कि सवर्णों के खिलाफ इस कानून का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.
‘अगड़ी जातियों के लोगों को फंसाया जा सकता है’
यूजीसी कानून के खिलाफ यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में सवर्ण समाज विरोध प्रदर्शन कर रहा है. खासकर बिहार में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहा है. सवर्ण समाज के लोगों का कहना है कि ये अगड़ी जातियों के खतरनाक है. सवर्णां का कहना है कि इस नियम का गलत इस्तेमाल हो सकता है. इससे अगड़ी जातियों के स्टूडेंट्स और टीचर्स को झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है. इन कानून में अगर कोई दुर्भावनापूर्ण शिकायतें आती हैं तो उसे रोकने के लिए कोई उपाय नहीं है. सवर्ण समाज के लोगों की सबसे बड़ी आपत्ति भेदभाव की परिभाषा और शिकायत प्रक्रिया को लेकर है. इस कारण सवर्ण समाज को डर है कि इस कानून के लागू होने से अगड़ी जातियों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
ब्राह्मण, कायस्थ, करणी सेना कर रहे विरोध
यूजीसी कानून को लेकर सवर्ण समाज से ब्राह्मण, कायस्थ और करणी सेना के लोग विरोध कर रहे हैं. राजस्थान में तो ब्राह्मण, कायस्थ, वैश्य और करणी सेना ने मिलकर सवर्ण समाज समन्वय समिति (S-4) बनाई है. सवर्ण समाज समन्वय समिति ने गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने बताया कि सवर्णों के लिए आवाज उठाने वाला कोई राजनीतिक दल नहीं है.
बता दें हायर एजुकेशन के संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए एक नया कानून लाया गया है. है. इसे ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने का नियम, 2026’ नाम दिया है. ये कानून 15 जनवरी 2026 से देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू हो चुका है.
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