Budget 2026: क्या 1500 में मिलेगा 3000 वाला टिकट? बजट में सस्ता हो सकता है रेल सफर

Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन इस साल के लिए बजट पेश करेंगी. माना जा रहा है कि इस बार वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन सफर के लिए बड़ी सौगात मिल सकती है.
rail ticket

सांकेतिक तस्वीर

Budget 2026: देश भर के लोगों को इस साल के बजट का इंतजार है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करेंगी. इस यूनियन बजट से लोगों को बड़ी राहत की उम्मीद है. वहीं, माना जा रहा है कि इस बजट में वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजंस) को बड़ा तोहफा मिल सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय रेलवे कोरोना काल से पहले वरिष्ठ नागरिक यात्रियों को दी जाने वाली टिकट किराए में छूट को फिर से बहाल कर सकता है.

क्या पुरानी छूट फिर से मिलेगी?

  • मार्च 2020 से पहले तक भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिक यात्रियों का खास ख्याल रखता था.
  • देश भर के वरिष्ठ यात्रियों को रेल यात्रा के दौरान टिकट में छूट मिलती थी.
  • 60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुष और 58 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं को टिकट के प्राइस में छूट दी जाती थी.
  • कोविड-19 महामारी के दौरान इस सुविधा को स्थगित कर दिया गया था.
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब फिर से वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय इस छूट को दोबारा शुरू कर सकता है.
  • अगर बजट 2026 में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो स्लीपर क्लास से लेकर AC फर्स्ट क्लास तक वरिष्ठ नागरिक यात्रियों को छूट मिलेगी.

क्या 1500 में मिलेगा 3000 वाला टिकट?

आसान भाषा में समझते हैं कि यह नियम दोबारा लागू होने से क्या 3000 वाला टिकट 1500 रुपए में मिलेगा. दरअसल, कोरोना से पहले तक लागू नियमों के मुताबिक 58 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को ट्रेन रिजर्वेशन की सभी श्रेणियों में 50% की छूट मिलती थी. यानी अगर कोई फर्स्ट एसी टिकट 3000 रुपए की है तो महिला यात्री को सिर्फ 1500 रुपए देने होते थे. वहीं, 60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुषों को 40% की छूट मिलती थी. ऐसे में 3000 रुपए वाली टिकट के लिए उन्हें 1800 रुपए चुकाने पड़ते थे.

कोरोना काल में छूट क्यों रोकी गई?

2020 में कोविड-19 के फैलने पर सरकार और रेलवे का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक यात्राओं को रोकना और सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करना था. इसी वजह से मार्च 2020 में वरिष्ठ नागरिकों की छूट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था. महामारी खत्म होने और रेल सेवाएं सामान्य होने के बावजूद पिछले कुछ सालों इसे बहाल नहीं किया गया, जिससे बुजुर्गों को पूरा किराया चुकाना पड़ रहा है.

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इस नियम की क्या खास बात है?

  • इस छूट की सबसे अच्छी बात इसकी सरलता है.
  • पुराने नियमों में यात्रियों को किसी दफ्तर जाने, विशेष कार्ड बनवाने या अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती थी.
  • IRCTC वेबसाइट, ऐप या रेलवे काउंटर से टिकट बुक करते समय बस सही उम्र बतानी होती थी.
  • उम्र सत्यापन होते ही किराया अपने आप कम हो जाता था.

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