Raipur: जिस फैसले पर कांग्रेस ने लिया था यू-टर्न; अब नगर निगम ने बनाया पायलट प्रोजेक्ट, सुकून भरे पलों के लिए अब देनी होगी ‘फीस’

Raipur News: रायपुर का तेलीबांधा तालाब जो 'मरीन ड्राइव' के नाम से मशहूर है, वहां बड़ी संख्या में शहरवासी सुकून भरे पल बिताने के लिए पहुंचते हैं. अब नगर निगम ने पायलट प्रोजक्ट के तहत यहां पर पार्किंग फीस लेने का फैसला लिया है. इस फैसले पर कांग्रेस सरकार ने यू-टर्न लिया था.
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तेलीबांधा तालाब

Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का तेलीबांधा तालाब जो शहरवासियों के लिए एक सुकून भरे पल बिताने और घूमने-फिरने की जगह है, जहां लोग अपने परिवार के साथ वक्त बिताने आते हैं. अब वो जगह लोगों को महंगी पड़ने वाली है. रायपुर नगर निगम ने तेलीबांधा तालाब क्षेत्र में पार्किंग शुल्क लगाने का फैसला लिया है. यानी अब यहां गाड़ी खड़ी करने के लिए लोगों को पैसे चुकाने होंगे.

तेलीबांधा तालाब में देनी होगी पार्किंग फीस

तेलीबांधा तालाब को हमेशा से रायपुर का फ्री फैमिली जोन माना जाता रहा है. बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं सभी यहां बिना किसी खर्च के सैर करने आते थे. अपने परिवार के साथ समय बिताते थे और चौपाटी में खाना खाते थे,लेकिन अब यह जगह धीरे-धीरे नगर निगम के राजस्व कमाई का जरिया बनती जा रही है. नगर निगम ने तेलीबांधा तालाब क्षेत्र में पार्किंग शुल्क लगाने का फैसला लिया है. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि पार्किंग शुल्क लेने के बावजूद अगर वाहन चोरी होता है या किसी तरह का नुकसान होता है तो उसकी कोई जिम्मेदारी नगर निगम की नहीं होगी.

पार्किंग फीस कितनी देनी होगी?

  • रायपुर के प्रसिद्ध तेलीबांधा तालाब स्थित मरीन ड्राइव में अब पार्किंग शुल्क देना होगा.
  • दोपहर 12 बजे के बाद वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा
  • चार पहिया वाहन (4 घंटे)- 20 रुपए
  • दो पहिया वाहन (12 घंटे)- 10 रुपए
  • सुबह से दोपहर 12 बजे तक पार्किंग फ्री रहेगी
  • मॉर्निंग वॉक करने वालों को नहीं देना होगा पार्किंग शुल्क

महापौर ने आम लोगों से मांगा सुझाव

इस फैसले पर रायपुर महापौर मीनल चौबे ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग मरीन ड्राइव पहुंचते हैं, लेकिन वाहन सही तरीके से पार्क नहीं किए जाते. इस वजह से अकसर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है.यातायात को सुगम बनाने के लिए पार्किंग शुल्क लिया जाएगा. लेकिन मॉर्निंग वॉक करने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. यह शुल्क 12 बजे के बाद लागू होगा.

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इधर कांग्रेस ने इस फैसले को पूरी तरह गलत ठहराया है. PCC चीफ दीपक बैज ने नगर निगम पर राजस्व वसूली का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि नगर निगम सिर्फ राजस्व वसूली कर रहा है. रायपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के दूसरे नगर निगमों के पास भी बजट नहीं है, इसलिए जनता से पैसा वसूला जा रहा है.

वहीं, पार्किंग शुल्क को लेकर रायपुरवासियों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया सामने आई है. लोगों का कहना है कि जब फीस ली जाएगी तो फिर सुरक्षा की जिम्मेदारी क्यों नहीं? बता दें कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भी यह फैसला लिया गया था, जिस पर बाद में कांग्रेस ने यू-टर्न ले लिया था.

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