‘BJP अपने लोगों को सेट करती है’, विपक्ष को पसंद नहीं आया यूनियन बजट, ममता से लेकर अखिलेश तक…किस नेता ने क्या कहा?

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी बजट पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह बजट सभी संकटों से आंखें मूंदे हुए है.
Rahul Gandhi, Mamata Banerjee and Akhilesh Yadav (File Photo)

राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव(File Photo)

Opposition on Budget: रविवार यानी एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने यूनियन बजट संसद में पेश किया. ऐसे में बजट को लेकर सभी प्रधानमंत्री से लेकर विपक्ष के नेताओं तक सभी लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है. सभी नेताओं ने बजट को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है. जहां सत्ता पक्ष के लोगों ने निर्मला सीतारमण के बजट की तारीफ की, वहीं विपक्ष के नेताओं ने बजट को ना पसंद किया है.

‘बजट से कोई सुधार नहीं होगा’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी बजट पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह बजट सभी संकटों से आंखें मूंदे हुए है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘इस बजट में युवा बेरोजगार, विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट, निवेशकों द्वारा पूंजी निकासी, घरेलू बचत में भारी कमी, किसानों के संकट, वैश्विक संकटों की आशंका सभी की अनदेखी की गई है. ये एक ऐसा बजट है, जिससे कोई सुधार की गुंजाइश नहीं है, ये भारत के वास्विक संकटों से पूरी तरह अनजान है.’

‘पूरी तरह दिशाहीन है बजट’

वहीं बजट को लेकर पश्चिम बंगाल की मु्ख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए इससे नाखुशी जाहिर की है. ममता बनर्जी ने कहा कि इस बजट में पश्चिम बंगाल को एक भी रुपया नहीं दिया गया है. ये अर्थव्यवस्था को खत्म करने वाला बजट है. तीन कॉरिडोर बनाने की जो बात हो रही है, वो पूरी तरह झूठ है. ये बजट पूरी तरह दिशाहीन है.

‘बजट के जरिए BJP अपने लोगों को सेट करती है’

वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव की भी बजट को लेकर पहली प्रतिक्रिया आई है. अखिलेश यादव ने कहा कि जब बीजेपी सरकार से कोई उम्मीद नहीं है तो उसके बजट से क्या उम्मीद होगी. बजट के जरिए बीजेपी अपने लोगों को सेट करती है. बजट वही अच्छा होता है, जिससे गरीबों की खुशहाली हो. लेकिन इस बजट में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है.

‘लक्ष्य से भटका हुआ बजट है’

वहीं शिवसेना(उद्धव गुट) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी बजट पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ‘उम्मीद थी कि बजट प्रधानमंत्री मोदी के किए हुए वादे के मुताबिक होगा. लेकिन ये बजट निराशाजनक रहा. ये बजट अपने लक्ष्य से भटका हुआ है. निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु की साड़ी पहनकर चुनावी राज्य को ध्यान में रखकर बजट पेश किया. बेरोजगारी, मंहगाई की समस्या का समाधान नहीं किया गया.’

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