CG News: शराब घोटाला मामले में कवासी लखमा को बड़ी राहत, इन शर्तों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत
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CG News: छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले मामले में कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मामले में सुप्रीम कोर्ट से कवासी लखमा को जमानत मिल गई है. कवासी लखमा को ED और EOW दोनों मामलों में सशर्त जमानत दी गई है.
इन शर्तों के साथ दी गई जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाले मामले में कवासी लखमा को जमानत तो दे दी है, लेकिन इसके साथ ही कई शर्तें भी रखी हैं.
- रिहाई के बाद कवासी लखमा को राज्य के बाहर रहना होगा.
- कोर्ट की पेशी पर छत्तीसगढ़ आ सकेंगे.
- कवासी लखमा को अपना पासपोर्ट जमा करवाना होगा.
- पुलिस थाने में पता और मोबाइल नंबर दर्ज करवाना होगा.
कांग्रेस बोली- आज फिर एक बार सत्य की जीत हुई
वहीं कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस ने इसे सत्य की जीत बताया है. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक हैं, उन्हें अंततः सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. आज एक बार फिर सत्य की जीत हुई है और यह साबित हुआ है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता.
शुक्ला ने कहा कि कवासी लखमा को बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक कथित शराब घोटाले में फंसाया है. बीजेपी सरकार ने एक वरिष्ठ आदिवासी नेता को महीनों तक जेल की सलाखों के पीछे राजनीतिक विद्वेष के कारण बंद करके रखा.
छत्तीसगढ़ में 3200 का शराब घोटाला
कवासी लखमा के अलावा कई बड़े लोगों के नाम इस घोटाले से जुड़े हैं, जो इस घोटाले में जेल जा चुके हैं. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया जैसे लोगों के नाम शामिल हैं. हालांकि चैतन्य बघेल को पहले ही मामले में जमानत मिल चुकी है.
छत्तीसगढ़ में साल 2018 से 2023 के बीच जब कांग्रेस की सरकार थी, तब प्रदेश में करीब 3200 करोड़ रुपये से ज्यादा का शराब घोटाला हुआ था. इसे लेकर EOW ने चार्जशीट में जानकारी दी है कि इस घोटाले में कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल हैं.आरोप है कि घोटाले के पैसों से आरोपी अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोडों की जमीन और दौलत भी खरीदी है.
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