एपस्टीन से क्यों हुई थी हरदीप सिंह पुरी की मुलाकात? केंद्रीय मंत्री ने खुद बताया, राहुल पर भड़के
हरदीप सिंह पुरी और राहुल गांधी
Hardeep Singh Puri Statement: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सदन में एपस्टीन फाइल्स को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लिया. राहुल गांधी ने कहा कि वे पूछना चाहते हैं कि हरदीप सिंह पुरी को एपस्टीन से किसने मिलवाया. राहुल ने कहा कि वे जानते हैं कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया, फिर भी वे जानना चाहते हैं. वहीं राहुल गांधी के आरोपों पर हरदीप सिंह पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कांग्रेस नेता के सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया. हालांकि, उन्होंने ये जरूर बताया कि वे कितनी बार और क्यों एपस्टीन से मिले थे.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कब हुई थी एपस्टीन से मुलाकात
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जेफरी एपस्टीन से उनकी मुलाकात 2009 में अंतर्राष्ट्रीय पीस इंस्टिट्यूट के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुई थी. उन्होंने कहा कि IPI में उनके बॉस एप्सटीन को जानते थे. हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उनकी एप्सटीन से तीन या 4 बार मुलाकात हुई, लेकिन इसका उन आरोपों से कोई लेना-देना नहीं है. साथ ही उन्होंने ये साफ किया कि उनकी एपस्टीन से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं हुई थी.
EpsteinFiles में नाम आने के बाद हरदीप पुरी ने गजब का हौसला दिखाया है
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) February 11, 2026
"IPI में मेरे बॉस लॉर्ड लारसन लोकप्रिय एपस्टीन को जानते थे. IPI और ICI के डेलिगेशन के पार्ट के तौर पर मैं एपस्टीन से कुछ अवसरों पर मिला हूं. 3 या 4 बार"
– हरदीप पुरी, पूर्व IFS और केन्द्रीय मंत्री pic.twitter.com/WbdQRJGXBT
केंद्रीय मंत्री ने राहुल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, “हमारे पास एक युवा नेता हैं जिन्होंने आज संसद के सामने कुछ बातें रखीं. उन्हें बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है. दो तरह के नेता होते हैं: वे जो पॉलिटिकल सिस्टम में ज़िम्मेदारी लेते हैं और अपनी ज़िंदगी समाज सेवा, देश को बदलने में लगा देते हैं और वे जो अपनी ज़िंदगी लगा देते हैं और यह पक्का करते हैं कि उनके जीवनकाल में देश 10वीं सबसे बड़ी इकॉनमी से तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन जाए और फिर दूसरे नेता भी हैं जो कभी-कभी देश में आते हैं, जब वे संसद में आते हैं, तो जब कोई उन्हें कोई ठोस जवाब देता है और उनकी बात नहीं सुनता तो वे सदन से चले जाते हैं. वह आज अपनी ही स्पीच के बाद चले गए.”
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राहुल ने कहा- मेरे पास डेटा है
इसके पहले, सदन में दिए गए अपने बयान पर राहुल गांधी ने कहा, “मेरे पास डेटा है और मैंने कहा कि मैं प्रमाणित कर दूंगा, एप्सटीन में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस फाइल्स है जिसमें हरदीप पुरी का नाम है, अनिल अंबानी का नाम है, अडानी का केस चल रहा है, प्रधानमंत्री पर सीधे दबाव है यह सब जानते हैं. बिना दबाव के कोई प्रधानमंत्री यह नहीं कर सकता. जो हुआ है, जो किसानों के साथ, डाटा के साथ, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा के साथ हुआ है कोई प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थिति में नहीं कर सकता। वह तभी करेगा जब किसी ने जकड़ रखा हो.”