CBSE Board Exam 2026: 10वीं-12वीं के छात्र ध्यान दें, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से पहले जान लें ये 10 नियम
प्रतीकात्मक फोटो
CBSE Board Exam 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने वाली हैं. बोर्ड परीक्षा के लिए ड्रेस कोड से लेकर साथ में क्या लेकर जाना है और क्या नहीं ये जानना बेहद जरूरी है. ऐसे में छात्र परीक्षा में शामिल होने से पहले 10 जरूरी नियमों के बारे में जान लें, वरना परेशानी में पड़ सकते हैं-
CBSE बोर्ड परीक्षा के नियम क्या हैं?
CBSE की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए कुछ जरूरी नियम हैं. जानें उन नियमों के बारे में-
- छात्रों को एग्जाम सेंटर में सुबह 10 बजे के बाद एंट्री नहीं मिलेगी. ऐसे में छात्र पहले ही एग्जाम सेंटर पहुंच जाएं.
- छात्रों को बिना एडमिट कार्ड और स्कूल ID के एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी जाएगी. ऐसे में ये दोनों चीजें ले जाना न भूलें.
- एग्जाम सेंटर में सिर्फ उन्हीं छात्रों को एंट्री मिलेगी, जो स्कूल यूनिफॉर्म में होंगे.
- छात्रों को अपने साथ एग्जाम सेंटर में सिर्फ नीला/रॉयल ब्लू बॉलपॉइंट पेन, ट्रांसपेरेंट पाउच में ज्योमेट्री टूल और ट्रांसपेरेंट पानी की बोतलें ले जाने ही मिलेगी.
- एग्जाम सेंटर में कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच या मोबाइल नहीं ले जाने दिया जाएगा.
परीक्षा से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान
- 10 और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 20% ऑब्जेक्टिव MCQ के सवाल और 30% ट्रेडिशनल छोटे/लंबे जवाब होंगे.
- CBSE ने साल 2025-26 के सत्र से 12 बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) लागू कर दी है.
- बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को हर सबजेक्ट में कम से कम 33% नंबर लाने होंगे. वहीं, जिन सब्जेक्ट के प्रैक्टिकल हुए हैं, उनमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग 33% नंबरों के साथ पास होना होगा.
- 10वीं बोर्ड के छात्रों को साइंस और सोशल साइंस एग्जाम में हर एक सेक्शन के जवाब एक जगह लिखने होंगे. जैसे, बायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स के जवाब उनके सेक्शन में ही लिखने होंगे. गलत सेक्शन में लिखे जवाबों को इवैल्यूएट नहीं किया जाएगा.
- बता दें कि 10वीं बोर्ड परीक्षा दो एग्जाम विंडो में होगी. फेज 1 (मेन परीक्षा) फरवरी में होने जा रही है, जबकि दूसरा फेज 2 (ऑप्शनल) की परीक्षा मई में होगी.
न करें ये काम वरना कैंसिल हो सकता है पेपर
अगर कोई भी छात्र सोशल मीडिया पर बोर्ड परीक्षा को लेकर फेक न्यूज फैलाने में शामिल पाया जाता है, तो उस पर अनफेयर मीन्स (UFM) नियमों के तहत केस किया जाएगा. ऐसे में उसका पेपर कैंसिल हो सकता है. इसके अलावा CBSE उस पर एग्जाम देने के लिए 5 साल तक का बैन भी लग सकता है.