बदहाल व्यवस्था! सरगुजा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीपर ने कराया महिला का प्रसव, डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत

Surguja: सरगुजा जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा की हालत बेहद खराब है. लखनपुर विकासखंड के कुन्नी गांव में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स नहीं होने की वजह से स्वीपर ने एक गर्भवती महिला का प्रसव कराने की कोशिश की लेकिन नवजात की मौत हो गई.
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Surguja: सरगुजा जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा की हालत बेहद खराब है. लखनपुर विकासखंड के कुन्नी गांव में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स नहीं होने की वजह से स्वीपर ने एक गर्भवती महिला का प्रसव कराने की कोशिश की लेकिन नवजात की मौत हो गई. परिवार के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया है और उनका कहना है कि अगर उस समय अस्पताल में डॉक्टर और नर्स होते तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी. पूरे मामले में अब तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की है और न ही इस लापरवाही पर किसी की जिम्मेदारी तय की गई है.

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीपर ने कराया महिला का प्रसव

कुन्नी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टर और स्टाफ नर्स की कमी से जूझ रहा है. अस्पताल में समय पर डॉक्टर और नर्स उपलब्ध नहीं होने से स्वीपर के द्वारा गर्भवती महिला का प्रसव कराया जा रहा था. प्रसव कराने के दौरान बच्चा फंस गया. सूचना पर डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और प्रसव कराया गया तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी.

परिजनों ने लगाया आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर और नर्स अस्पताल में मौजूद होते तो यह स्थिति निर्मित नहीं होती. उन्होंने शासन प्रशासन से न्याय की मांग की है. वर्ष 2025 में शासन के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया लेकिन डॉक्टर और स्टाफ की कमी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरीके चरमरा गई है. स्टाफ और डॉक्टरों की कमी की वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्वीपर सहित अन्य कर्मचारी लोगों का इलाज कर रहें हैं.

क्या है पूरा मामला?

  • दरअसल, जमदरा निवासी गौरी यादव की शादी मैनपाट ब्लॉक के ग्राम सुपलगा में था.
  • गर्भवती महिला गौरी यादव अपने मायका ग्राम जमदरा आई हुई थी.
  • प्रसव पीड़ा होने पर 16 फरवरी की रात लगभग 11 बजे परिजनों के द्वारा प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी ले जाया गया जहां डॉक्टर और स्टाफ नर्स नहीं होने पर स्वीपर श्याम पति के द्वारा जांच कर अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया.
  • 17 फरवरी दिन बुधवार की सुबह लगभग 7 बजे स्वीपर श्याम पति के द्वारा प्रसव कराया जा रहा था प्रसव कराने के दौरान बच्चा फस गया.
  • इसी दौरान डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और प्रसव कराया, तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी. नवजात की मौत के बाद परिजनों में मातम पसर गया.

प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी विनोद भार्गव द्वारा समय-समय पर डॉक्टर और स्टाफ की कमी को लेकर पत्र के माध्यम से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया था। परंतु विभाग के अधिकारियों और शासन प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की पहल नहीं की गई. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है.

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नर्स-डाक्टर की कमी, किसे करें सस्पेंड – CMHO

CMHO पी एस मार्को ने बताया कि, इस सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में तीन स्टाफ नर्स पोस्टेड हैं लेकिन दो मेडिकल अवकाश में हैं. ऐसे में एक ही नर्स 24 घंटे कैसे ड्यूटी करे. उन्होंने बताया कि जिले में 235 स्टाफ नर्स की पदस्थापना है लेकिन सिर्फ 126 नर्स का पोस्ट खाली है. इसके कारण एक सामुदायिक स्वास्थ केंद्र को छोड़कर सभी हेल्थ सेंटर में नर्स की कमी है.

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