अनोखी होली: छत्तीसगढ़ के इस गांव में 1 सप्ताह पहले शुरू हो जाता है होली का जश्न, कारण जानकर चौंक जाएंगे आप

Chhattisgarh Unique Holi: छत्तीसगढ़ में एक गांव ऐसा भी हैं, जहां होली अनोखे तरीके से मनाई जाती है. यहां एक सप्ताह पहले ही होली का जश्न शुरू हो जाता है. जानें पूरी कहानी-
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होली (फाइल इमेज)

Chhattisgarh Holi: रंगों का त्योहार होली देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला त्योहार है. छत्तीसगढ़ में एक ऐसा गांव हैं, जहां का होली का पर्व अनोखे तरीके से मनाया जाता है. यहां कुछ गावों में होली का त्योहार 1 सप्ताह पहले ही शुरू हो जाता है. इनमें धमतरी जिले का समेरा गांव है. जानिए क्या है इसके पीछे का कारण-

एक सप्ताल पहले शुरू होता है होली का जश्न

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से करीब 45 किमी दूर बसे सेमरा (सी) गांव में होली का त्योहार एक सप्ताह पहले ही धूमधाम मनाना शुरू हो जाता है. यहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा झूमते हैं और एक दूसरे को रंग लगाकर ये त्योहार मनाते हैं.

क्या है इसका कारण?

जानकारी के मुताबिक ये रिवाज सैकड़ों साल पुराना है. इस गांव में न सिर्फ होली, बल्कि दिवाली, हरेली और पोला जैसे प्रमुख त्योहार भी तिथि से ठीक सात दिन पहले मनाए जाते हैं.

कहानी है ग्राम देवता श्री सिरदार देव की

कहा जाता है कि बहुत साल पहले गांव में भयंकर विपदा आई. गांव में बीमारी और अकाल जैसी मुसीबतें सामने आ गई. तब गांव के मुखिया को सपने में ग्राम देवता सिरदार देव ने दर्शन दिए और आदेश दिया कि हर त्योहार और पर्व तिथि से सात दिन पहले मना लो. ऐसा न करने पर गांव में संकट आएगा.’

शुरुआत में किसी ने नहीं माना, लेकिन मुसीबतें बढ़ती गईं. आखिरकार गांव वालों ने इस सपने का पालन किया और तब से ये परंपरा अटूट चली आ रही है. आज भी बुजुर्गों की बात मानकर युवा इसे उत्साह से निभाते हैं.

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परंपरा की खास बातें

  • दूर-दूर से रिश्तेदार पहले ही गांव पहुंच जाते हैं, जिससे उत्साह दोगुना हो जाता है.
  • समय बदला लेकिन इस गांव में ये अनोखी परंपरा आज भी कायम है, जो आस्था और विश्वास की मिसाल है.
  • ग्रामीणों का मानना है कि इससे गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.

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