CG News: चौकी प्रभारी और एक ASI 25 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार, केस में फंसाने की धमकी देकर मांगी थी घूस

दोनों को गिरफ्तार करने के बाद एसीबी की टीम अंबिकापुर अपने दफ्तर लेकर पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है. इसके बाद अब कल उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा.
The outpost in-charge was caught red-handed taking bribe.

चौकी प्रभारी रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार हुआ.

CG News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के कोरिया जिले में स्थित पोड़ी चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ और उनके साथ सब इंस्पेक्टर जीपी यादव को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 25 हजार रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है. दोनों को गिरफ्तार करने के बाद एसीबी की टीम अंबिकापुर अपने दफ्तर लेकर पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है. इसके बाद अब कल उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा.

पानी से भरे गड्ढे में डूबने से डेढ़ साल के बच्चे की मौत

प्राप्त जानकारी के अनुसार डेढ़ साल के बच्चे की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी. उस गड्ढे को अब पीड़ित व्यक्ति पर खोदे जाने का आरोप था. इस पर सब इंस्पेक्टर जीपी यादव गड्ढा खोदने वाले व्यक्ति को धारा 306 के तहत गिरफ्तार करने की धमकी दे रहे थे. इससे बचने के लिए उससे 50 हजार की घूम मांग रहे थे. लेकिन इसी बीच जीपी यादव का चौकी से ट्रांसफर हो गया और उन्होंने बैकुंठपुर कोतवाली ज्वाइन कर ली. उन्होंने विवेचना की फाइल चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ को दे दी. इसके बाद उन्होंने रिश्वत देने के लिए पीड़ित व्यक्ति को अब्दुल मुनाफ के पास भेजा. इसी दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अब्दुल मुनाफ को सबसे पहले गिरफ्तार किया. रिश्वत मांगने के सबूत के आधार पर जीपी यादव को उनके घर से एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया.

25 हजार रुपये में केस से बचाने की बात कही

जानकारी के अनुसार जीपी यादव ने 50 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन बाद में उन्होंने पीड़ित व्यक्ति के द्वारा इतना रुपये नहीं दिए जाने की बात कहने पर 25 हजार में केस से बचाने की बात कही थी. लेकिन ट्रांसफर हो जाने के कारण वह खुद रिश्वत नहीं ले सके और उन्होंने अब्दुल मुनाफ के पास पीड़ित व्यक्ति को भेज दिया था. लेकिन एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम पिछले 10 दिनों से लगातार पूरे मामले की रेकी कर रही थी और पीड़ित व्यक्ति जो भी बातचीत कर रहा था. वह सब रिकॉर्ड किया जा रहा था. बताया जाता है कि जीप यादव जांच की फाइल के पेज को दिखा दिखा कर धमका रहे थे कि तुम जेल जा सकते हो और यह तमाम सबूत एंटी करप्शन ब्यूरो के पास उपलब्ध था. जिसके आधार पर यह कार्रवाई हुई है.

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