खाड़ी में जंग के बीच भारत की कनाडा से डील, पाकिस्तान को मिर्ची क्यों लग रही?
भारत और कनाडा की डील से पाकिस्तान भड़क गया है.
Pakistan on India-Canada Deal: ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट के हालात खराब हो गए हैं. लेकिन पाकिस्तान को भी चिंता सता रही है. जंग के बीच ही पाकिस्तान को अब भारत का डर सता रहा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री तो पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि भारत और इजराइल मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रच रहे हैं. लेकिन अब पाकिस्तान को एक और बात से मिर्ची लग रही है. भारत की कनाडा के साथ हुई एक नई डील से पाकिस्तान तिलमिला गया है. पाकिस्तान का कहना है कि परमाणु सहयोग में पाकिस्तान को विशेष छूट दी जा रही है. लेकिन सवाल ये है कि भारत और कनाडा की यूरेनियम सप्लाई की डील से पाकिस्तान इतना परेशान क्यों हो गया है?
‘कनाडा के रिएक्टर से भारत ने परमाणु परीक्षण किया’
पाकिस्तान ने भारत और कनाडा की यूरेनियम सप्लाई की डील को चिंताजनक बताया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस डील को लेकर बेतुके आरोप लगाए हैं. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंद्राबी ने कहा, ‘भारत और कनाडा की ये डील किसी भी देश को परमाणु के क्षेत्र में दी जाने वाली विशेष छूट है. यह विडंबना है कि भारत को इस तरह की छूट दी गई है. कनाडा ने 1974 में शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए रिएक्टर दिया था. इसी रिएक्टर से भारत ने परमाणु परीक्षण किया था.’
‘भारत ने IAEA के दायरे के बाहर नागरिक परमाणु सुविधाएं रखीं‘
इतना ही नहीं बौखलाए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंद्राबी ने बिना प्रमाण के भारत पर कई और गंभीर आरोप लगाए हैं. अंद्राबी ने दावा किया, ‘भारत ने ना तो अपनी सभी नागरिक परमाणु सुविधाओं को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा उपायों के दायरे में रखा है और ना ही इस व्यवस्था के तहत ऐसा करने के लिए कभी कुछ कहा है.’
भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम को लेकर हुई डील
सोमवार को भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम सप्लाई को लेकर समझौता किया गया है. ये समझौता क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग और परमाणु ऊर्जा के लिए यूरेनियम सप्लाई को लेकर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक डील बताया है. भारत और कनाडा ने बीच 2 मार्च को 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट किया गया है. दोनों पक्षों के बीच साल 2026 के लास्ट तक बड़े CEPA ट्रेड पैक्ट को पूरा करने का लक्ष्य है.
वहीं भारत ने 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए यूरैनियम (ईंधन) की भारी जरूरत है.
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