विधानसभा चुनाव में कांग्रेस फिर कर रही भूल? बंगाल में 284 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, ममता के खिलाफ प्रदीप प्रसाद
प्रदीप प्रसाद और ममता बनर्जी(File Photo)
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. 294 में से 284 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है. इस लिस्ट में कांग्रेस के लगभग सभी दिग्गज नेता शामिल है. इनमें अधीर रंजन चौधरी का नाम भी शामिल है. पार्टी ने चौधरी को बहरामपुर सीट से चुनाव में उतारा है. जबकि भवानीपुर ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदीप प्रसाद ताल सामने होंगे.
बंगाल में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं
कांग्रेस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपने उम्मीदवार लिस्ट जारी जारी की है. शनिवार को कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव कमेटी की बैठक हुई थी. इसमें पश्चिम बंगाल में उम्मीदवारों के चयन को लेकर चर्चा हुई. जिसके बाद रविवार को पार्टी ने 284 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया. हालांकि इस समय कांग्रेस का बंगाल में एक भी विधायक नहीं है.
The Central Election Committee of the Congress has selected the following persons as party candidates for the elections to the West Bengal Legislative Assembly 👇 pic.twitter.com/8DIjEqNVrR
— Congress (@INCIndia) March 29, 2026
क्या कांग्रेस फिर बड़ी भूल कर रही है?
पश्चिम बंगाल में अगर बात कांग्रेस की करें तो कांग्रेस यहां पर खाता भी नहीं खोल सकी. इस समय बंगाल में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है. जानकारों की मानें तो कांग्रेस एक बार फिर राज्य के चुनाव में बड़ी भूल कर रही है. जिस राज्य में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है, वहां कांग्रेस सभी सीटों पर चुनाव लड़कर टीएमसी को डैमेज करेगी. जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा.
ऐसे में कांग्रेस को जहां क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर बीजेपी से लड़ने की तैयारी करनी चाहिए, वहां कांग्रेस अभी भी ग्राउंड पर उतरने को तैयार नहीं है. कांग्रेस की जहां पर पकड़ कमजोर है, वहां कांग्रेस को क्षेत्रीय पार्टियों से सहयोग करके कम सीटों पर भी समझौता करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है. लेकिन कांग्रेस अभी भी ‘अहम के चश्मे’ को उतार नहीं पा रही है. यही गलती वो पहले भी कई राज्यों में कर चुकी है. इसके अलावा कोई भी क्षेत्रीय दल कांग्रेस को ज्यादा सीट देने से गुरेज करता है. उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में कांग्रेस ने सपा और राजद के साथ गठबंधन किया लेकिन वहां पर कांग्रेस के कारण इन पार्टियों को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा. अगर कांग्रेस सच में बीजेपी की चुनौती से निपटना है तो उसे क्षेत्रीय पार्टियों के साथ सही तरीके से गठबंधन करना होगा. नहीं तो कहीं ऐसा ना हो अगली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद भी हाथ से निकल जाए.
BJP के लिए अभेद्य है ‘बंगाल किला’!
पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव हमेशा ही खास माना जाता है. पिछले एक दशक में बीजेपी ने केंद्र के साथ ही कई राज्यों में अपनी सरकार बनाई है. लेकिन बंगाल में बीजेपी अभी तक ममता बनर्जी के ‘अभेद्य किले’ को तोड़ नहीं पाई है. पिछले विधानसभा 2021 के चुनाव में बीजेपी ने चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने यहां कई जनसभाएं और रोड शो किए थे. खुद प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ी संख्या में रैलियां की थीं. लेकिन बीजेपी की तमाम कोशिशों के बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी को पिछले चुनाव के मुकाबले महज 3 सीटें ज्यादा मिली थीं. जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी ने 215 सीटों के साथ बंगाल में मजबूत सरकार बनाई.
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