‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं…’, राघव चड्ढा ने पकड़ी स्वाति मालीवाल की राह? एक्शन के बाद AAP को मैसेज
आप नेता राघव चड्ढा
MP raghav Chadha: आम आदमी पार्टी में एक बार फिर अंदरुनी कलह देखने को मिल रही है, हालांकि यह अब सबके सामने आ चुकी है. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है. इसके बाद यह तल्खी साफ तौर पर और भी ज्यादा बढ़ गई है. पार्टी के फैसले के बाद राघव का रिएक्शन भी सामने आया है. चड्डा ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि मैं हारा नहीं हूं. बल्कि मुझे खामोश करवाया गया है. यह मेरा ‘आम आदमी’ को संदेश है. उनके इस मैसेज से साफ है कि वह भी स्वाति मालीवाल की तरह ही अब पार्टी के साथ बगावत कर सकते हैं.
AAP नेता राघव चड्ढा ने आज शुक्रवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो पोस्ट में कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं. ‘आम आदमी को मेरे संदेश.” उन्होंने अपने इस वीडियो में कहा कि संसद में मैंने ज्यादातर ऐसे मामले उठाए जिसे आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता था. जिन पर पहले चर्चा नहीं की जाती थी, तो क्या इस तरह के मसले उठाना अपराध है. उन्होंने वीडियो के माध्यम से ही पार्टी से पूछा कि यह कोई गुनाह है.
राघव ने वीडियो शेयर कर क्या कहा?
राघव चड्ढा ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि मैंने पब्लिक के मुद्दे उठाए, इससे AAP को क्या नुकसान हुआ? वीडियो के आखिर में उन्होंने AAP को चेतावनी दी कि आवाज खामोश कराने वालों के सामने मैं सैलाब बनकर आऊंगा.
Silenced, not defeated
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
My message to the ‘aam aadmi’
—
खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ
'आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
उन्होंने कहा कि मैं संसद में ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता है. लेकिन, क्या जनता के मुद्दे उठाना, पब्लिक इश्यू पर बात करना कोई अपराध है क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया. क्या मैंने कुछ गलत किया. मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट से कहा है कि मुझे बोलने का मौका न दिया जाए. मैंने तो हमेशा ही जनता के मुद्दे ही उठाए हैं, इनसे पार्टी को क्या समस्या हो गई या मेरे बोलने से AAP को क्या नुकसान हुआ.
आगे कहा कि जिन लोगों ने आज पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना. मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है. AAP ने गुरुवार को चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था.
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स्वाति की राह पर राघव
राघव चड्ढा के तीखे तेवरों से साफ है कि पार्टी और उनके बीच सब कुछ ठीक नहीं है. जिस तरह के बयान सामने आ रहे हैं, उससे यह भी साफ है कि आगे भी पार्टी और राघव के बीच रिश्ते ठीक नहीं हो सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि राघव से पहले स्वाति मालीवाल का भी इसी तरह का रवैया था.
उस समय स्वाति ने आरोप लगाया था कि यहां पर अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव ने उनके साथ मारपीट की. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक केजरीवाल के निजी सचिव विभव ने स्वाति को 8 थप्पड़ मारे थे. इस घटना में आप हाईकमान ने विभव का पक्ष लिया, जिसके बाद स्वाति आप से बागी हो गईं. स्वाति का कहना था कि किसी डर से अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने विभव पर कार्रवाई नहीं की.
राघव की तरह ही कभी स्वाति भी अरविंद केजरीवाल की खास थीं. जो अब उनके ही खिलाफ हैं. हालांकि पार्टी में नेताओं की इस तरह की नाराजगी के कई मायने निकाले जा रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि नेताओं में आपसी तालमेल की कमी के कारण यह सब हो रहा है.