AIADMK का विरोध पड़ा भारी? समझिए अन्नामलाई को क्यों नहीं मिला बीजेपी से तमिलनाडु चुनाव के लिए टिकट
अन्नामलाई
Tamil Nadu Election 2026: देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है. तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी किया जा रहा है. तमिलनाडु में भी इस बार चुनावी जंग काफी रोचक होने वाली है. हालांकि इस पूरे चुनावी माहौल से बीजेपी के सिंघम और पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई नदारद हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि शुक्रवार 3 अप्रैल को बीजेपी ने एआईएडीएमके के साथ सीट शेयरिंग समझौते के तहत 27 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में पार्टी के कई बड़े और चर्चित चेहरे शामिल हैं. हालांकि इसमें अन्नामलाई का नाम शामिल नहीं है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ डीएमके और विपक्षी राजग गठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. बीजेपी की लिस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई. इस लिस्ट से बीजेपी के सिंघम के. अन्नामलाई गायब हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि के. अन्नामलाई चुनाव प्रचार-प्रसार की कमान संभालेंगे.
बीजेपी के आलाकमान जैसे गृह मंत्री अमित शाह ने यह बात कई मौकों पर दोहराई है कि अन्नामलाई के संगठनात्मक कौशल का उपयोग पार्टी की राष्ट्रीय संरचना में करेगी. अन्नामलाई ने पिछले साल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि अन्नामलाई आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं.
AIADMK का विरोध पड़ा भारी?
पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई 2020 में बीजेपी में शामिल हुए थे और बहुत कम समय में राज्य की राजनीति में बड़ा चेहरा बन गए. विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद तमाम सियासी पंडितों का मानना है कि AIADMK से अन्नामलाई के तल्ख रिश्तों को देखते हुए अन्नामलाई को विधानसभा चुनावों में टिकट नहीं दिया गया है. इस बार चुनाव में मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन और NDA के बीच माना जा रहा है, जिसमें AIADMK प्रमुख भूमिका में है.
अन्नामलाई कोयंबटूर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे. हालांकि AIADMK नेता ई. पलानीस्वामी ने इस सीट को बीजेपी को देने से इंकार कर दिया था. 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अन्नामलाई अरवाकुरिचि सीट से भी चुनाव लड़े थे, लेकिन हार का ही मुंह देखना पड़ा था.
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अन्नामलाई के तेवर हुए नरम
पुलिस सेवा छोड़ते वक्त अन्नामलाई ने कहा था कि पुलिस अफसर के रूप में जो कुछ करना था, कर लिया है. उसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए और AIADMK के खिलाफ हमलावर रहे. कई बार यह विरोध आमने सामने भी रहा है. भले ही बीजेपी AIADMK के साथ गठबंधन कर लिया हो लेकिन AIADMK और उसके नेता अभी भी अन्नामलाई के तेवर को नहीं भूले हैं . यही वजह है कि अन्नामलाई के लिए AIADMK किसी भी हालत में सीट छोड़ने को मंजूर नहीं हुई.
अन्नामलाई के तेवर भी पहले के मुकाबले अब नरम नजर आ रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी ने चुनाव परिणामों के बाद अन्नामलाई के लिए दूसरा ऑप्शन खोज रखा है. यही वजह है कि वह निश्चिंंत नजर आ रहे हैं.
BJP उम्मीदवारों को अन्नामलाई ने दी बधाई
अन्नामलाई ने BJP की तरफ से घोषित किए गए उम्मीदवारों को बधाई दी है. उन्होंने ‘एक्स’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ” हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत पूरी ताकत, बड़े पैमाने और एक निश्चित उद्देश्य के साथ आगे बढ़ा है.” BJP और अन्य राजग उम्मीदवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे और उनके लिए प्रचार करेंगे, जिसका लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनावों में राजग के लिए 210 सीटें जीतना है.