खत्‍म होगी कर्नाटक कांग्रेस में छिड़ी कुर्सी की लड़ाई! दिल्ली में हाईलेवल बैठक, सिद्धारमैया की व‍िदाई तय?

Karnataka Congress leadership change: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले एक साल से खींचतान देखने को मिल रही है. इसको लेकर दिल्‍ली दरबार में पहली बार कांग्रेस सभी बड़े नेताओं के साथ बैठक करने जा रही है. इसमें इस पूरे नाटक को खत्म करने को कोशिश रहेगी.
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कर्नाटक का नाटक होगा खत्‍म?

Congress leadership change: कर्नाटक में पिछले एक साल से हर महीने इस तरह की खबरें सामने आती हैं कि प्रदेश में जल्द ही सीएम बदल सकता है. इसको लेकर कई नेता दिल्ली जाते हैं. हालांकि इसके बाद कुछ नहीं बदलता है. हाईकमान भरोसा दिलाता है कि जल्द ही फैसला लिया जाएगा. लेकिन फैसले के इंतजार में विधायक पिछले एक साल से आंख लगाए दिल्ली की तरफ देख रहे हैं.

कर्नाटक कांग्रेस में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया  और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंच चुके हैं, जहां कांग्रेस हाईकमान के साथ अहम बैठक हो रही है. इस बैठक ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कर्नाटक को नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है.  

बैठक में किस बारे में होने वाली है बातचीत

सूत्रों के मुताबिक बैठक में सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन ही नहीं, बल्कि कैबिनेट फेरबदल, संगठन में बदलाव और 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा होगी. कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि अगले चुनाव से पहले सरकार और संगठन दोनों को नए तरीके से तैयार किया जाए ताकि एंटी-इनकंबेंसी का असर कम हो सके. आसान भाषा में कहें तो हाईकमान यह भी चाहता है कि कर्नाटक में जो सीएम पद को पिछले 1 साल से नाटक चल रहा है, उसको चुनाव से पहले किसी भी हालत में खत्म किया जाए और जनता को ये भरोसा द‍िलाया जाए कि पार्टी में सब कुछ ठीक है.

रोटेशन फॉर्मूला हुआ था तय

दरअसल, 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के समय ही यह चर्चा शुरू हो गई थी कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई रोटेशन फॉर्मूला तय हुआ था. उस वक्त लंबे मंथन के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया गया था. अब सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद फिर से यह सवाल उठने लगा है कि क्या हाईकमान डीके शिवकुमार को मौका देगा.

दिल्ली रवाना होने से पहले सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडे की जानकारी नहीं है और अटकलें लगती रहती हैं. वहीं डीके शिवकुमार ने भी सीधे तौर पर कुछ कहने से बचते हुए कहा कि जो फैसला हाईकमान करेगा वही मान्य होगा. हालांकि दोनों नेताओं के समर्थक लगातार शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं.

बताया जा रहा है कि बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. पार्टी के भीतर तीन संभावनाओं पर चर्चा चल रही है.

  1. सिद्धारमैया ही मुख्यमंत्री बने रहें
  2. डीके शिवकुमार को सत्ता सौंप दी जाए
  3. समझौते के तहत सीमित बदलाव और कैबिनेट रीशफल किया जाए.

पूरे घटनाक्रम को लेकर बीजेपी हमलावर

इधर बीजेपी भी कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर हमलावर हो गई है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार विकास से ज्यादा कुर्सी बचाने की राजनीति में उलझी हुई है. दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और दिल्ली बैठक सामान्य राजनीतिक चर्चा का हिस्सा है.

सूत्रों के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में तस्वीर साफ हो सकती है. अगर हाईकमान नेतृत्व बदलने का फैसला करता है तो कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. 

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