इंदौर में भाजपा नेता विरेंद्र शेड़गे को प्रभारी पद से हटाया गया, हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर कार्रवाई; संघ पदाधिकारियों पर की थी टिप्पणी

इंदौर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने विरेंद्र शेड़गे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि अगर 3 दिन में अगर स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो 6 साल के पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा.
BJP leader Virendra Shedge was removed from the post of Assembly in-charge by the party.

भाजपा नेता विरेंद्र शेड़गे को पार्टी ने विधानसभा प्रभारी के पद से हटाया.

MP News: इंदौर में भाजपा नेता विरेंद्र शेड़गे को आरएसएस के पदाधिकारियों से उलझना भारी पड़ गया है. शेड़गे को पार्टी ने विधानसभा क्षेत्र 4 के प्रभारी पद से हटा दिया गया है. ये कार्रवाई बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर इंदौर बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने की है. साथ ही पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

3 दिन में जवाब न देने पर पार्टी से होंगे निष्कासित

इंदौर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने विरेंद्र शेड़गे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में कहा गया, ‘भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल के निर्देशानुसार आपको कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया जाता है. विगत दिनों से आपका आचरण पार्टी की विचारधारा और पक्ष के अनुरूप नहीं आ रहा है. लगातार शिकायतें मिल रही है. इसलिये आपको तत्काल भाजपा विधानसभा क्षेत्र कं 4 के प्रभारी पद से मुक्त किया जाता है. आप तीन दिन में अपनी स्थिति स्पष्ट करें अन्यथा आपको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छः वर्ष के लिये निष्कासित कर दिया जायेगा.’

कई दिनों से विवादों में हैं विरेंद्र शेड़गे

विरेंद्र शेड़गे पिछले कई दिनों से अपनी ही पार्टी के खिलाफ गतिविधियों के कारण विवादों में हैं. उन पर आरएसएस के पदाधिकारियों पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप है. इसके कुछ दिन पहले पुलिस कर्मियों से उनका चौराहे पर हेलमेट ना लगाने के कारण विवाद हो गया था. जिसके बाद पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई थी. जबकि कुछ दिन पहले पालतू कुत्ता घुमाने को लेकर उनका विवाद हो गया था. बताया गया था कि इस दौरान उनकी बिल्डिंग पर पथराव भी हुआ था.

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