‘गद्दारों पहले परेशानियां क्यों नहीं बताईं…’, कीर्ति आजाद का बागियों पर हमला, काकोली को पद से हटाने की बताई वजह
बागियों को टीएमसी नेताओं ने सुनाई खरी-खोटी
Kirti Azad Attacks BJP Rebels: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ताश के पत्तों की तरह बिखरती जा रही है. कई विधायकों और सांसदों ने उनका साथ छोड़ दिया है. इन सब के बीच ममता बनर्जी ने भी फैसला लेते हुए तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का चीफ व्हिप बनाया है. वहीं दूसरी तरफ कीर्ति आजाद और कल्याण बनर्जी ने भी टीएमसी के बागी नेताओं को खरी खोटी सुनाई है.
टीएमसी नेता कीर्ति आजाद ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओ को जब बीजेपी के लोग मारेंगे तो क्या उनको देखोगे? बीजेपी में जाना है तो इस्तीफा देकर जाओ. सुवेंदु अधिकारी को तो ऑन कैमरा पैसा लेते हुए देखा गया था. हम बंगाल में हारे नहीं है हमे मिलकर हराया गया है.
कल्याण और कीर्ति की बागियों को दो टूक
पार्टी में बगावत पर TMC सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा कि हमारे 29 नेता ‘मां, माटी और मानुष’ के नाम पर जीतकर सांसद बने. मैं इन गद्दारों से पूछना चाहता हूं – चुनाव के बाद ही अपनी परेशानियां क्यों बताईं, पहले क्यों नहीं? सुखेंदु शेखर रॉय में कम से कम इस्तीफ़ा देने की राजनीतिक नैतिकता तो थी, अगर आपमें भी राजनीतिक नैतिकता है, तो आप सब भी इस्तीफ़ा दें और BJP के टिकट पर चुनाव लड़ें.
कल्याण बनर्जी बागियों पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में बगावत पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी कहते हैं, आपके (BJP) पास CM, ED, CBI और दूसरी ताकतें हैं, लेकिन मेरे पास ‘मां, माटी, मानुष’, मेरी पार्टी, मेरे पार्टी कार्यकर्ता और पश्चिम बंगाल की जनता है.
अगली बार बीजेपी हो जाएगी साफ
कीर्ति आजाद ने आगे कहा कि भागने वाले भगोड़ों, गद्दारों, अगले चुनाव में बंगाल में बीजेपी साफ हो जाएगी. ककोली घोष पर निशाना साधते हुए कहा कि 5 चुनाव हारने के बाद दीदी ने ही तुम्हें सांसद बनाया था. ककोली को जब व्हिप पद से हटाया गया क्यों की ये संसद में आती नहीं थी. इसीलिए कठोर फैसला लिया गया था.
उन्होंने कहा कि संघर्ष के साथ TMC खड़ी हुई है, ममता बनर्जी के खून पसीने से खड़ी हुई ये पार्टी है. आने वाले दिनों में देखना TMC फिर से खड़ी होगी. घायल शेर ज़्यादा ख़तरनाक होता है. मतलब साफ है कि ममता बनर्जी अभी भी टीएमसी में जान फूंकने की कोशिश करती नजर आ सकती हैं.
काकोली घोष के नेतृत्व में हो रही बगावत
TMC के लोकसभा में 28 सांसदों में से 20 ने एक दिन पहले बगावत के बाद ममता का साथ छोड़ दिया था. उन्होंने NDA सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है. इन लोगों ने काकोली घोष दस्तीदार को अपना चीफ व्हिप चुना था. काकोली घोष ने सबसे पहले टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था . खुद काकोली घोष ने बागी सांसदों के साइन वाला लेटर लोकसभा स्पीकर को भेजा है.
क्या है संसद में टीएमसी का संख्याबल
लोकसभा में TMC के अभी 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं. 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक भी अलग गुट बना चुके हैं. इस गुट के नेता ऋतब्रत हैं. तो वहीं दूसरे गुट का नेता काकोली घोष को बताया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) में 28 साल के इतिहास में पहली बार औपचारिक तौर पर टूट सामने आई है. हालांकि पहली ही टूट में टीएमसी पूरी तरह से बिखर चुकी है.
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