अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला, पत्थर और लाठी-डंडे बरसाए; खंडवा में 8 से ज्यादा कर्मचारी घायल

घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है. उनका कहना है कि यदि जंगल में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे अभियान चलाना बेहद कठिन हो जाएगा.
Forest Department team attacked while arriving to remove encroachments in Khandwa.

खंडवा में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला.

Input- शेख शकील

MP News: खंडवा में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर उपद्रवियों ने हमला बोल दिया. गुड़ी वन परिक्षेत्र में पहले से छिपे बैठे अतिक्रमणकारियों ने गोफन से बड़े-बड़े पत्थर बरसाने शुरू कर दिए. इसके बाद लाठियों से भी हमला किया गया. अचानक हुए इस हमले से वन कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए.

पहले से घात लगाए बैठे थे अतिक्रमणकारी

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में भर्ती हुए 45 नवपदस्थ वनरक्षकों को प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद गुड़ी रेंज में स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड के रूप में तैनात किया गया है. इनका उद्देश्य वन भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर रोक लगाना और जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. रविवार सुबह यह विशेष दल नियमित गश्त और निगरानी के लिए आम खुजली क्षेत्र पहुंचा था. इसी दौरान पहले घात लगाए बैठे कथित अतिक्रमणकारियों ने अचानक हमला बोल दिया.

गोफन और पत्थरों की बौछार से मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों और घायल कर्मचारियों के अनुसार, हमला पूरी तरह सुनियोजित प्रतीत हो रहा था. जैसे ही वन विभाग की टीम जंगल के भीतर पहुंची, पहले से छिपे बैठे लोगों ने गोफन से बड़े-बड़े पत्थर बरसाने शुरू कर दिए. हमले में घायल होने वालों में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत , राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी सहित कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं.

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव

बताया जा रहा है कि गुड़ी रेंज में लंबे समय से बड़े पैमाने पर वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया है. हाल ही में वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर कई स्थानों से अतिक्रमण हटाया था. इसके बाद से क्षेत्र में वन विभाग और अतिक्रमणकारियों के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है. स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में भी वन अमले पर कई बार हमले हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं किया गया.

घायल कर्मचारी बोले- दो घंटे तक नहीं मिली सहायता

घटना के बाद घायल वन कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जब गुड़ी वन परिक्षेत्र के रेंजर नरेंद्र पटेल को घटना की सूचना दी गई, तो वे घटनास्थल पर पहुंचने के बजाय खंडवा चले गए. कर्मचारियों का आरोप है कि घायल वनरक्षक लगभग दो घंटे तक जंगल में बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के पड़े रहे.

कर्मचारियों का यह भी कहना है कि पास के क्षेत्र से एक अन्य वन टीम मौके की ओर आई जरूर, लेकिन जंगल के भीतर जाने से पहले ही वापस लौट गई.

डायल-112 पर भी उठे सवाल

घायल कर्मचारियों के अनुसार, डायल-112 की पुलिस वाहन घटनास्थल तक पहुंची थी, लेकिन वन कर्मचारियों को अस्पताल पहुंचाने के बजाय कथित रूप से अतिक्रमणकारियों के उन लोगों को इलाज के लिए लेकर चली गई जो अपने ही गोफन से निकले पत्थरों से घायल हुए थे. वन कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ गई.

घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है. उनका कहना है कि यदि जंगल में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे अभियान चलाना बेहद कठिन हो जाएगा. कर्मचारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, स्थायी पुलिस सुरक्षा तथा जंगलों में अभियान के दौरान पर्याप्त बल उपलब्ध कराने की मांग की है.

‘सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आक्रमणकारियों के हौसले बुलंद होंगे’

इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था, अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया और वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है. कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं.

खंडवा वन मंडल के गुड़ी वन परिक्षेत्र में रविवार सुबह वन विभाग की टीम पर कथित रूप से वन अतिक्रमणकारियों द्वारा किया गया हमला जंगल में कानून व्यवस्था और वन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

ये भी पढे़ं: नशे के कारोबार पर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, भोपाल में 171 किलो गांजे और ट्रक के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार

ज़रूर पढ़ें