Satluj: दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ ZEE5 से 2 दिन में हटाई गई, आखिर क्यों हो रहा है विवाद?
सतलुज फिल्म OTT प्लेटफॉर्म से हटाई गई
ZEE5 Removes Satluj Quickly: करीब तीन साल पहले दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से सर्टिफिकेट नहीं मिला था, जिसके कारण यह भारत में रिलीज नहीं हो सकी. हाल ही में जब फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया तो फैंस को उम्मीद जगी कि अब वे इसे देख सकेंगे. लेकिन यह खुशी ज्यादा समय तक नहीं रही, क्योंकि रिलीज के सिर्फ दो दिन बाद ही फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस फिल्म को लेकर इतना विवाद क्यों है और इसे भारत में क्यों नहीं देखा जा सकता.
भारत में ‘सतलुज’ क्यों नहीं देखी जा सकती?
इस फिल्म का पहले नाम ‘पंजाब 95’था. इसकी कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता ‘जसवंत सिंह खालरा’ के जीवन पर आधारित है. उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के समय कथित तौर पर बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों के गुप्त अंतिम संस्कार का मामला उजागर किया था. खालरा ने ऐसे दस्तावेज और सबूत जुटाए थे, जिनसे आरोप लगाया गया कि कई शवों का अंतिम संस्कार उनके परिवारों को जानकारी दिए बिना कर दिया गया था. यही विषय इस फिल्म के विवाद की मुख्य वजह माना जाता है.
ZEE5 से फिल्म क्यों हटाई गई?
‘सतलुज’ को 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन 5 जुलाई को इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया. ZEE5 ने फिल्म हटाने की कोई वजह नहीं बताई. प्लेटफॉर्म ने सिर्फ इतना कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फिल्म को फिलहाल स्ट्रीमिंग से हटाया गया है. हालांकि, इस फैसले के पीछे की असली वजह पर अब भी कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है.
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‘सतलुज’ फिल्म के बारे में
‘सतलुज’ का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है. यह एक बायोपिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें दिलजीत दोसांझ, अर्जुन रामपाल और सुविंदर विक्की लीड रोल में नजर आए हैं. फिल्म में जसवंत सिंह खालरा के संघर्ष और उनके उस रोल को दिखाया गया है, जिसमें उन्होंने 1990 के दशक में पंजाब में कथित गैर-न्यायिक हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कारों से जुड़े मामलों को दुनिया के सामने लाने की कोशिश की थी.