फिल्म ‘सतलुज’ विवाद पर डायरेक्टर ने तोड़ी चुप्पी, 48 घंटे में क्यों हटी फिल्म और किसे थी दिक्कत? किया खुलासा
फिल्म सतलुज
Director Breaks Silence Finally: फेमस एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ इन दिनों फिल्म इंडस्ट्री से लेकर देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. करीब तीन साल तक सेंसर प्रक्रिया और कानूनी लड़ाई से गुजरने के बाद, फिल्म को 3 जुलाई 2026 को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन इसके ठीक दो दिन बाद 5 जुलाई को इसे वहां से हटा दिया गया. हालांकि, ZEE5 ने इसे हटाने की कोई खास वजह नहीं बताई थी. वहीं अब फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान ने पहली बार इस विवाद को लेकर अपनी बात रखी है और उन्होंने खुलकर बताया है कि ‘सतलुज’ फिल्म से किसे और क्यों दिक्कत थी.
‘सतलुज’ फिल्म से किसे थी परेशानी?
डायरेक्टर हनी त्रेहान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि फिल्म सिनेमाघरों में न आने का दुख है, लेकिन खुशी है कि दर्शक इसे इसके असली रूप में देख पा रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि फिल्म का सिर्फ नाम बदला गया है, कहानी में कोई समझौता नहीं हुआ.
हनी त्रेहान ने आगे बताया, ‘अगर कोई मुझसे पूछता है कि इस फिल्म से किसे परेशानी थी, तो सच कहूं तो मुझे खुद नहीं पता. मेरे सामने न तो कोई चेहरा आया और न ही कोई नाम. हमारे पास जो भी आपत्तियां या विरोध आए, वे सब वकीलों या किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए ही पहुंचे.’उन्होंने यह भी खुलासा किया कि एक समय ऐसा आ गया था जब सेंसर बोर्ड से बातचीत के सारे रास्ते बंद हो गए थे. जब सब कुछ रुक गया, तब ZEE5आगे आया और फिल्म को बिना किसी कट के रिलीज किया.
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फिल्म ‘सतलुज’ के बारे में
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की असल जिंदगी पर बनी है. उन्होंने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में 25,000 से ज्यादा अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच करके मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया था. फिल्म में उनका मुख्य रोल दिलजीत दोसांझ ने निभाया है, जबकि अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम भूमिकाओं में हैं. फिलहाल यह फिल्म भारत में तो उपलब्ध नहीं है, लेकिन विदेशों में इसे ZEE5 पर देखा जा सकता है.