ड्रिप चढ़वाते मरीज को आधी रात वार्ड से बाहर किया, खंडवा में सरकारी अस्पताल में भर्ती युवक सलाइन लेकर सड़क पर आया
खंडवा में अस्पताल में वार्ड से निकाले जाने के बाद युवक ड्रिप लेकर ही बाहर आ गया.
MP News: खंडवा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में बेहद शर्मनाक और लापरवाही वाली तस्वीर सामने आई है. यहां ड्रिप चढ़वाते समय एक युवक को वार्ड से आधी रात को बाहर कर दिया गया. जिसके बाद युवक सलाइन लेकर सड़क पर आ गया. इस दौरान मौके पर मौजूद लोग भी हैरान हो गए. युवक की स्थिति देखते हुए लोगों ने उसे वापस अस्पताल में इलाज करवाने के लिए कहा गया. लेकिन युवक अस्पताल प्रशासन से इतना आहत था कि उसने कहा चाहें कुछ हो जाए, अब इस अस्पताल में नहीं जाऊंगा.
‘दर्द से तड़प रहा था, लेकिन स्टाफ ने बाहर कर दिया’
पूरा मामला खंडवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का है. यहां का एक बेहद संवेदनशील और अस्पताल के बेशर्म सिस्टम का वीडियो सामने आया है. आदित्य मारकंडे नाम के मरीज को पथरी के लिए इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जिसके बाद युवक को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी. युवक ने बताया कि बेड पर सलाइन चढ़ाई जा रही थी. इस दौरान आधी रात को अस्पताल में स्टाफ आया और बाहर जाने के लिए कहने लगा. युवक ने कहा कि उसने स्टाफ से विनती की थी कि अभी तक सलाइन खत्म नहीं हुई है. अभी काफी दर्द भी है, बोतल खत्म हो जाए, इसके बाद खुद ही बाहर चला जाएगा. लेकिन स्टाफ ने एक भी नहीं सुनी और उसी हालत में बेड छोड़कर वार्ड के बाहर जाने के लिए कहा. इससे युवक इतना आहत हुआ कि वो खुद ही अस्पताल के बाहर आ गया.
लोगों ने समझाया, लेकिन युवक दोबारा अस्पताल नहीं गया
आधी रात इस तरह दर्द से कराह रहे और सलाइन लिए कांपते हाथों को देखकर अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं, लेकिन अस्पताल स्टाफ का दिल नहीं पसीजा. लोगों ने युवक की स्थिति देखकर काफी समझाने की कोशिश की. लेकिन अस्पताल स्टाफ से युवक का दिल इस कदर टूट गया था कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद वह इलाज पूरा करवाने के लिए अंदर नहीं गया.
DM बोले- मरीज से वार्ड शिफ्ट करने के लिए कहा गया था
वहीं पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है. अभी तक अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते नजर आए हैं. हालांकि कलेक्टर ऋषव गुप्ता का कहना है कि मरीज से दूसरे वार्ड में शिफ्ट होने के लिए कहा था. लेकिन मरीज ने इसको गलत समझ लिया और उसे लगा कि गलत व्यवहार किया जा रहा है, जिसके कारण मरीज बुरा मान गया और अस्पताल के बाहर चला गया. हालांकि इसके साथ ही कलेक्टर ने कहा कि ये गंभीर मामला है और अस्पताल स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार रखें.
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