अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार, साल 2020 में नाले में मिला था शव
ताहिर हुसैन
Delhi riots 2020: दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्या की गई थी. उस समय इस हत्या का आरोप एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन पर लगा था. इसी मामले में अब तक दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. इस मामले में पूर्व पार्षद ताहिर को कोर्ट ने दोषी ठहराया है. हालांकि कोर्ट ने उनके खिलाफ आपराधिक साजिश का आरोप हटा दिया गया है.
साल 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की गई थी. इस मामले में कोर्ट ने नाजिम, कासिम, अनस, जावेद और ताहिर हुसैन को हत्या, अपहरण, दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगा करने का दोषी ठहराया है. इसके अलावा 6 आरोपियों को बरी कर दिया है. अंकित का शव नाले में बरामद किया गया था.
शरीर पर मिले थे 51 चोटों के निशान
अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई थी. इस पता चला था कि अंकित शर्मा के शरीर पर धारदार हथियार और अन्य हमलों के कुल 51 चोटों के निशान थे. उनके सिर, चेहरे, सीने, पीठ और कमर पर गंभीर घाव मिले थे.
इन धाराओं में माना गया दोषी
कोर्ट ने फिलहाल सभी आरोपियों को दोषी माना है. अभी इनके लिए सजा का ऐलान होना बाकी है, सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 302, 365, 188, 153ए, 147, 148 और 149 के तहत दोषी ठहराया है. सजा पर अदालत का फैसला अलग से सुनाया जाएगा. मंगलवार को लिखित आदेश आने के बाद कोर्ट सजा पर जिरह की तारीख तय करेगी. कोर्ट में जज की तरफ से दोषी ठहराय जाने के बाद कोर्टरुम में ही ताहिर फूट-फूटकर रोने लगे.
अंकित का शव 26 फरवरी सुबह 8 बजे चांदबाग में नाले से मिला था. इसके बाद अंकित के पिता और भाई ने ताहिर पर हत्या का आरोप लगाया था.
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