Barwani News: राजघाट का पुराना पुल जलमग्न, 48 घंटे में बदला मिजाज, सूखा दिखने वाला घाट अब डूबने की कगार पर

Barwani News: विभागीय बुलेटिन के अनुसार, जुलाई के दूसरे सप्ताह में लगभग छह दिनों तक तेज बारिश न होने के कारण राजघाट का जलस्तर 126.90 मीटर से गिरकर 126.40 मीटर तक पहुंच गया था. हालांकि, मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश ने स्थिति को बदल दिया.
Old Rajghat bridge submerged

राजघाट का पुराना पुल जलमग्न

इनपुट-सचिन राठौड़

Barwani News: बड़वानी में नर्मदा नदी का जलस्तर बीते 48 घंटों में तेजी से बढ़ा है. 14 जुलाई को जहां राजघाट पर पानी 50 सेंटीमीटर नीचे उतर गया था और सूखे जैसी स्थिति थी, वहीं अब यह उफान पर है. ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश और सरदार सरोवर बांध के बैकवाटर के दबाव के कारण राजघाट का जलस्तर चार दिनों में 2 मीटर से अधिक बढ़कर 128 मीटर पर पहुंच गया है. पुराना पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है और नया घाट भी डूबने की कगार पर है.

राजघाट का जलस्तर 126.90 से 126.40 मीटर पहुंचा

विभागीय बुलेटिन के अनुसार, जुलाई के दूसरे सप्ताह में लगभग छह दिनों तक तेज बारिश न होने के कारण राजघाट का जलस्तर 126.90 मीटर से गिरकर 126.40 मीटर तक पहुंच गया था. हालांकि, मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश ने स्थिति को बदल दिया. सरदार सरोवर बांध में पानी की आवक बढ़ने से बैकवाटर का दबाव राजघाट तक पहुंचा, जिससे जलस्तर 126.40 मीटर से बढ़कर सीधे 128 मीटर हो गया.

राजघाट का पुराना पुल पानी में डूबा

राजघाट पर स्थित पुराना पुल 127 मीटर जलस्तर पर ही जलमग्न हो जाता है. वर्तमान में जलस्तर 128 मीटर होने के कारण पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है. नए घाट के भी डूबने में अब कुछ ही फीट का अंतर बचा है. जलस्तर में अचानक हुई इस वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने डूब क्षेत्र के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है.

जलस्तर 3 मीटर बढ़ा तो राजघाट टापू में बदल जाएगा

एसडीएम भूपेंद्र रावत ने जानकारी दी कि राजस्व और एनडीआरएफ की टीमें स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जलस्तर 3 मीटर और बढ़कर 131 मीटर तक पहुंचता है, तो राजघाट पूरी तरह से टापू में बदल जाएगा.

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जलस्तर बढ़ने से फसलें और मवेशियों को खतरा

मानसून की शुरुआत में कम पानी से राजघाट क्षेत्र के किसान परेशान थे. अब अचानक बढ़े जलस्तर से नदी किनारे की फसलें और मवेशियों को खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में ऊपरी इलाकों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे राजघाट का जलस्तर और बढ़ सकता है. प्रशासन और ग्रामीण दोनों ही नर्मदा के हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं.

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