CWG 2026: कौन हैं मध्य प्रदेश की यामिनी मौर्या? जिन्होंने जूडो में जीता सिल्वर
यामिनी मौर्या
Yamini Maurya: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्टार जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है. महिलाओं के 57kg कैटेगरी के फाइनल में यामिनी को आखिरी समय में इंग्लैंड की अनुभवी एसिल्या टोपराक से हार का सामना करना पड़ा, जिससे वह गोल्ड से चूक गई. हालांकि उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम जरूर कर लिया है.
कौन हैं यामिनी मौर्या?
यामिनी मौर्या मध्य प्रदेश के सागर जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने महज 9 साल की उम्र में जूडो की दुनिया में कदम रखा था. यामिनी के लिए शुरुआत बिल्कुल आसान नहीं थी. उन्हें परिवार, रिश्तेदारों और समाज के कई लोगों से ताने सुनने मिले. कई लोगों का मानना था कि जूडो जैसा आक्रामक खेल लड़कियों के लिए उपयुक्त नहीं है.
Proud moment for India! 🇮🇳
— ROHIT MAURYA 🇮🇳 (@ROHITKumar325) August 1, 2026
Congratulations to Yamini Maurya on winning the Silver medal in the Women's 57 KG Judo event at #CWG2026 .
Her performance reflects the rising strength of Indian judo on the global stage.#Yaminimaurya pic.twitter.com/tvoi8SNqCo
लेकिन यामिनी ने हार नहीं मानी और अपनी कड़ी मेहनत और लगन से सभी आलोचकों का मुहं बंद कर दिया. जूडो सीखने के कुछ ही महीनों के भीतर उन्होंने स्टेट चॅम्पियनशीप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित कर दी.
एक साल तक खेल से रही दूर
यामिनी की सफलता की कहानी काफी संघर्ष और मुश्किलों से भरी रही. साल 2017 में वह एक मुकाबले के दौरान चोटिल हो गई थी. इस मुकाबले में उनका घुटना बुरी तरह टूट गया था, जिससे उन्हें सर्जरी करनी पड़ी. ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें लंबे समय तक आराम करने की सलाह दी. इस चोट के कारण यामिनी को करीब एक साल तक खेल से दूर रहना पड़ा. लेकिन इसके बाद उन्होंने दोबारा अपनी ट्रेनिंग शुरू की और मैट पर वापसी करते ही गोल्ड जीता.
दो बार की है नेशनल चैंपियन
बता दें, सागर की या बेटी 2022 से लगातार भारतीय सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. वह दो बार सीनियर नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं. इसके अलावा 2025 हांगकांग एशियाई ओपन और 2026 डकार अफ्रीका ओपन में उन्होंने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता. यामिनी पिछले 17 सालों से लगातार मध्य प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं. आज उनके पास नेशनल और इंटरनेशनल मिलाकर कुल 35 गोल्ड मेडल है.