संगठन में नो एंट्री, क्या सरकार में मिलेगी जिम्मेदारी? अनुराग-राघव-तेजस्वी पर टिकी सबकी निगाहें
अनुराग ठाकुर, राघव चड्ढा और तेजस्वी सूर्या
Nitin Nabin Team: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई टीम का ऐलान कर दिया है. इस टीम में पार्टी के पुराने नेताओं को तरजीह दी गई है. इसके अलावा कई पुराने नेताओं की छुट्टी भी की गई है.चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नई दिशा देने की कोशिश की है. नई टीम में अनुराग ठाकुर, राघव चड्ढा और तेजस्वी सूर्या जैसे चर्चित युवा नेताओं की भूमिका अब चर्चा का विषय बन गई है. ऐसे में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं.
नई टीम में कई पुराने नेताओं को बरकरार रखा गया है, जबकि बड़ी संख्या में नए चेहरों को शामिल किया गया है. कुछ केंद्रीय मंत्रियों को भी संगठन में जिम्मेदारी मिली है. हालांकि कुछ पुराने अनुभवी नेताओं को इससे दूर रखा गया है.
पीयूष गोयल को दोबारा पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं, हर्ष मल्होत्रा और पंकज चौधरी को राज्यों में संगठन की अहम जिम्मेदारी दी गई है. इन बदलावों के बाद संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं.
अनुराग ठाकुर पर निगाहें
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली है. उनके पास केंद्र सरकार में काम करने का लंबा अनुभव है. हिमाचल की राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है. ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्हें संगठन के बजाय केंद्र सरकार में कोई अहम जिम्मेदारी दे सकती है.
राघव चड्ढा की भूमिका पर सवाल
आप से बीजेपी में आए राघव चड्ढा को भी संगठन में पद नहीं मिला है. दूसरी ओर पंजाब से जुड़े कुछ नेताओं को पार्टी में जिम्मेदारियां मिली हैं. ऐसे में चड्ढा के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं. माना यह भी जा रहा है कि पंजाब चुनाव से पहले पार्टी उन्हें कोई और जिम्मेदारी सौंप सकती है.
तेजस्वी सूर्या को मिल सकता है नया रोल
बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या का बीजेपी युवा मोर्चा अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल पूरा हो गया है. उनकी जगह हेमांग जोशी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. वह लंबे समय एक्टिव बने हुए थे और पार्टी की तरफ से दिए गए काम को कर रहे थे. अब देखना होगा कि पार्टी ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या सोचा है. कहा यह भी जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उन्हें मौका दिया जा सकता है.
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