AICC Secretary Interview 2026: राहुल-प्रियंका टटोल रहे छग के युवाओं का राजनीतिक कौशल, इन नेताओं से सीधे की बातचीत

AICC Secretary Interview 2026 रायपुर. कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर देश भर से युवा, सक्रिय और अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपने कवायद चल रही है. कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में विभिन्न पदों के लिए साक्षात्कार के लिए नेताओं को बुलाया जा रहा है.

AICC Secretary Interview 2026 रायपुर. कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर देश भर से युवा, सक्रिय और अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपने कवायद चल रही है. कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में विभिन्न पदों के लिए साक्षात्कार के लिए नेताओं को बुलाया जा रहा है. राष्ट्रीय सचिव के लिए छत्तीसगढ़ से पूर्व मंत्री डॉ. शिव डहरिया समेत 6 नेताओं को बुलाया गया है. एआईसीसी सचिव के अलावा अन्य जिम्मेदारी के लिए भी साक्षात्कार लिया जा रहा है. यह प्रक्रिया 14 सितंबर को खत्म हो जाएगी.

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव के लिए देशभर के 140 नेताओं को बुलाया गया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय संगठन प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल ही सीधे इन नेताओं से चर्चा कर उनके रणनीतिक कौशल और राजनीतिक, बौद्धिक क्षमता से लेकर सभी समीकरणों को परख रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को भी अलग से इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था.

छत्तीसगढ़ से प्रदेश महासचिव दीपक मिश्रा, महासचिव सुबोध हरितवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर और पूर्व युकां अध्यक्ष कोको पाढ़ी शामिल हैं. इनमें दीपक मिश्रा व नरेश ठाकुर का 9 सितंबर को इंटरव्यू लिया गया जबकि सुबोध हरितवाल को साक्षात्कार आज सोमवार को हो गया.

इधर बिलासपुर संभाग से एक आदिवासी युवा नेता भी साक्षात्कार दे चुके हैं. गौरतलब है कि कांग्रेस संगठन में आगामी लोकसभा और राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय सचिव के पद पर छत्तीसगढ़ के दो से तीन नेताओं को मौका दिया जा सकता है. इससे पहले छत्तीसगढ़ से राजेश तिवारी और विकास उपाध्याय राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं. वहीं, विधायक देवेंद्र यादव वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव भी हैं. दरअसल, करीब दो साल पहले ही एआईसीसी की कमेटी गठित हुई थी. अब राष्ट्रीय पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के बाद बेहतर काम करने वालों का ओहदा बढ़ेगा. वहीं कमजोर परफार्मेंस वाले बाहर होंगे. ऐसी चर्चा है कि50 फीसदी नए चेहरों को मौका मिलेगा.

न सिफारिश, न लॉबिंग, गोपनीय रख रहे

राष्ट्रीय संगठन में जगह बनाने किसी तरह की लॉबिंग या सिफारिश को तवज्जो देने के बजाय सक्रियता और पूर्व में मिली जिम्मेदारी के तहत किए गए कार्यों का आकलन किया जा रहा है. सूत्र दावा करते हैं कि प्रदेश के नेताओं के मामले में गोपनीय जानकारी मंगाई गई थी.

इसके बाद खुद उन्हें सूचित कर बुलाया जा रहा है. साक्षात्कार के बाद भी नेताओं को इसे गोपनीय रखने की हिदायत दी गई है.

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