Janjgir News: कोयले के अवैध भंडारण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, रेलवे अंडरब्रिज को छुपा कर ले ली थी अनुज्ञप्ति

Janjgir  News: मैसर्स मां शारदा  लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड   के खिलाफ  नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर जांच टीम गठित कर जांच करवाई गई. जांच में विभिन्न अनियमितताओं की पुष्टि होने पर अनुज्ञप्ति निरस्त करने की कार्यवाही जिला प्रशासन ने की है. 

Janjgir जांजगीर. जांजगीर जिला प्रशासन ने  ग्राम कन्हाईबंद तहसील जांजगीर स्थित मैसर्स मां शारदा  लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड   पर  अनियमितताओं के चलते बड़ी कार्यवाही करते हुए भंडारण एवं अनुज्ञप्ति निरस्त कर दिया है.  उक्त कंपनी  के द्वारा तयशुदा क्षेत्र से अधिक क्षेत्र में कोयले का भंडारण किया जा रहा था.

इसके अलावा कोल डिपो के चारों तरफ घेरेबंदी नहीं करवाने,अनुज्ञा क्षेत्र में पर्याप्त वृक्षारोपण नहीं करवाने,प्रदूषित पानी बिना उपचार के नाले में बहाने,बिना विकास अनुज्ञा लिए अवैध निर्माण कर व्यवसायिक कोल भंडारण  का कार्य संचालित किया जाना पाया गया. रेलवे अंडरब्रिज को उचित रूप से प्रदर्शित नहीं किए जाने संबधी अनियमितताएं भी पाई गई थी. जिसके चलते कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने नोटिस जारी कर 15 दिवस में  जवाब मांगा था. जवाब संतोषजनक नहीं पाए  जाने पर अनुज्ञप्ति निरस्त करने की कार्यवाही की गई है.

 ग्राम कन्हाईबंद में कुल 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र में एक समय में 80 हजार मीट्रिक टन खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण के लिए मेसर्स शारदा मां लॉजिस्टिक्स फर्म को अनुज्ञप्ति प्रदान की गई थी.  उक्त अनुज्ञप्ति की अवधि 26 फरवरी 2020 से 25 फरवरी 2030 तक निर्धारित थी. नियमों के उल्लंघन की शिकायत पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जांच के निर्देश दिए थे. खनि निरीक्षक द्वारा मौके की जांच, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर एवं नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय जांजगीर से प्राप्त प्रतिवेदन तथा कार्यालयीन अभिलेखों के परीक्षण के दौरान विभिन्न कमियां एवं नियमों का उल्लंघन पाया. 

 जांच में पाया गया कि स्वीकृत अस्थायी अनुज्ञा क्षेत्र को तार फेंसिंग अथवा ईंट की दीवार से घेराव नहीं किया गया है, जो छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 14 (9) (एक) का उल्लंघन है. इसी प्रकार जांच के दौरान अस्थायी भंडारण क्षेत्र में खनिज कोयले की प्राप्ति एवं अन्यत्र भेजे गए खनिज अथवा उसके उत्पादों की मात्रा एवं अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित प्रारूप अथवा रजिस्टर में संधारित नहीं पाए गए. जांच के दौरान मांग किए जाने पर आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जो नियम 14 (दो) का उल्लंघन है. नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्म द्वारा अस्थायी भंडारण क्षेत्र से संबंधित मासिक विवरणी प्रस्तुत नहीं की जा रही है, जो छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 14 (दो-क) का उल्लंघन है. जांच के दौरान भंडारण क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन यंत्र तथा मजदूरों के लिए आवश्यक प्राथमिक सुरक्षा किट की व्यवस्था नहीं पाई गई, जो नियम 14 (9) (दो एवं तीन) का उल्लंघन है.

 अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार फर्म द्वारा 1.948 हेक्टेयर अर्थात 4.80 एकड़ क्षेत्र में कोल डिपो का संचालन किया जा रहा है, जबकि फर्म को केवल 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए भंडारण अनुज्ञप्ति प्राप्त है. इसे अनुज्ञप्ति की शर्तों एवं अनुबंध विलेख में उल्लेखित शर्तों का उल्लंघन बताया गया है. इसके अतिरिक्त अनुज्ञा क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण नहीं पाया गया तथा प्रदूषित पानी का उचित उपचार किए बिना उसे नाले में प्रवाहित किया जाना भी जांच में सामने आया है. 

 उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त पत्र के अनुसार ग्राम कन्हाईबंद के खसरा नंबर 645/5, 645/8, 645/30, 645/6, 645/17, 645/3, 645/4, 645/21 एवं 645/25 जांजगीर विकास योजना अंतर्गत शामिल क्षेत्र में हैं. उक्त भूमि पर विकास अनुज्ञा के लिए आवेदन प्रस्तुत किए बिना अवैध निर्माण कर व्यावसायिक कोल भंडारण का कार्य संचालित किया जाना पाया गया है. इस संबंध में भूमि विकास अथवा अवैध निर्माण हटाने अथवा भूमि को पूर्व स्थिति में प्रत्यावर्तित करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया है. वहीं, कार्यालय दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर से प्राप्त पत्र के अनुसार कोल डिपो संचालन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में रेलवे अंडरब्रिज को उचित रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया तथा गलत अथवा अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के संबंध में रेलवे द्वारा भी आपत्ति दर्ज की गई है.

अनुज्ञप्ति निरस्त

कलेक्टर  जन्मेजय महोबे ने आदेश जारी कर ग्राम कन्हाईबंद, तहसील जांजगीर स्थित भूमि खसरा नंबर 645/5, 645/8, 645/30, 645/36, 645/6, 645/17, 645/3, 645/4, 645/21 एवं 645/25, कुल रकबा 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र में खनिज कोयला के अस्थायी भंडारण हेतु मेसर्स शारदा मां लॉजिस्टिक्स प्रा.लि. के पक्ष में स्वीकृत अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति को निरस्त कर दिया है. उक्त क्षेत्र में 80,000 मीट्रिक टन कोयला (अधिकतम एक समय में) के अस्थायी भंडारण की अनुज्ञप्ति अवधि 26 फरवरी 2020 से 25 फरवरी 2030 तक 10 वर्ष के लिए स्वीकृत की गई थी.  

 जारी आदेश में उल्लेखित है कि अनुज्ञप्ति क्षेत्र में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 14 में उल्लिखित भंडारण शर्तों का उल्लंघन, अनुज्ञप्ति अनुबंध विलेख में निहित उपबंधों/कंडिकाओं का उल्लंघन तथा अन्य अनियमितताएं पाई गई हैं. छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 15 के प्रावधानों के तहत ग्राम कन्हाईबंद स्थित उक्त भूमि पर मुख्य खनिज कोयला की 80,000 मीट्रिक टन अस्थायी भंडारण की स्वीकृत अनुज्ञप्ति को निरस्त करने की कार्रवाई की गई है.

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