Ambikapur News: संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कुलसचिव नियुक्ति पर घमासान, राजभवन के निर्देश के बाद भी आदेश अटका
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय
Sant Gahira Guru University Registrar Appointment: संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कुलसचिव की नियुक्ति को लेकर चल रही खींचतान अब महज विश्वविद्यालय का प्रशासनिक विवाद नहीं रह गई है. राजभवन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद मामला उच्च शिक्षा विभाग में अटका हुआ नजर आ रहा है. यही वजह है कि राज्यपाल सचिवालय को दोबारा पत्र लिखकर सरकार को कार्रवाई की याद दिलानी पड़ी है.
राज्यपाल के निर्देश के बाद भी नियुक्ति अटकी
राज्यपाल के अवर सचिव की ओर से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को भेजे गए पत्र में डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी के स्थान पर नियमित कुलसचिव की पदस्थापना का आदेश तत्काल जारी करने कहा गया है. पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि इस संबंध में राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देशानुसार पुनः अनुरोध किया जा रहा है.
राजभवन ने पहले भी कहा था
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कुलसचिव की नियमित पदस्थापना को लेकर राजभवन स्तर से प्रक्रिया और अनुमोदन की बात पत्र में दर्ज है, तो फिर आदेश जारी करने में देरी क्यों हो रही है. राजभवन के पत्र में पुराने पत्र क्रमांक 2566/4856/2026/रास/यू-9 दिनांक 24 जून 2026 का भी संदर्भ दिया गया है. साथ ही विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से 18 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र का उल्लेख करते हुए संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं.

नियमित कुलसचिव की पदस्थापना को लेकर अनुमोदन का भी जिक्र पत्र में स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-15(7) के तहत किसी अन्य योग्य प्रोफेसर को संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में नियमित कुलसचिव के पद पर पदस्थापित करने संबंधी प्रस्ताव पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति से अनुमोदन प्राप्त किया जा चुका है. इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने पर राजभवन ने अब उच्च शिक्षा विभाग से फिर कार्रवाई की मांग की है.
‘तत्काल प्रभाव से आदेश जारी करें’
राजभवन के अवर सचिव ने पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देशानुसार पुनः अनुरोध है कि डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी के स्थान पर नियमित कुलसचिव की पदस्थापना संबंधी आदेश तत्काल प्रभाव से जारी कर इस सचिवालय को अवगत कराया जाए. यानी राजभवन की ओर से अब गेंद सीधे उच्च शिक्षा विभाग के पाले में डाल दी गई है.
विश्वविद्यालय में बढ़ सकती है टकराव की स्थिति
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कुलपति और कुलसचिव को लेकर पहले से ही विवाद सामने आ चुका है. ऐसे में राजभवन का यह पत्र मामले को और गंभीर बना रहा है. अब सवाल यह है कि जब राजभवन की ओर से कार्रवाई के लिए दोबारा निर्देश जारी हो चुके हैं, तब उच्च शिक्षा विभाग आदेश कब जारी करेगा? फिलहाल, राजभवन के इस पत्र ने विश्वविद्यालय की कुलसचिव नियुक्ति को लेकर चल रही प्रशासनिक खींचतान और सरकारी स्तर पर फाइल अटकने के सवालों को और धार दे दी है.