1.88 करोड़ की ज्वेलरी ठगी: शातिर महिलाओं का हाई-प्रोफाइल पैंतरा, नगर निगम अधिकारी बन रायपुर के सर्राफा बाजार में लगाई सेंध

राजधानी के पॉश इलाके सदर बाजार की एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी दुकान में 1.88 करोड़ रुपए की सनसनीखेज धोखाधड़ी ने सर्राफ व्यवसायियों के होश उड़ा दिए हैं.
Raipur Nagar Nigam

रायपुर नगर निगम

रायपुर.  राजधानी के पॉश इलाके सदर बाजार की एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी दुकान में 1.88 करोड़ रुपए की सनसनीखेज धोखाधड़ी ने सर्राफा व्यवसायियों के होश उड़ा दिए हैं. इस वारदात में सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपियों ने ठगी के लिए किसी आम हाई-टेक तरीके या डिजिटल फ्रॉड का नहीं, बल्कि ‘सरकारी रुतबे और रसूख’ के मनोवैज्ञानिक हथियार का इस्तेमाल किया. इस मामले में रायपुर पुलिस ने आरोपी किरण साहू को गिरफ्तार किया है जबकि अन्य फरार है.  आइए विस्तार से जानते हैं इस खबर को… 

‘नगर निगम’ का खौफ और रसूख

ठगों ने खुद को नगर निगम के आवास विभाग में कार्यरत बताकर सर्राफा व्यापारी रिखब बरडिया के मन में विश्वास पैदा किया. आमतौर पर लोग सरकारी कर्मचारियों या अधिकारियों पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं. आरोपियों ने इसी मानवीय मनोदशा (Human Psychology) का फायदा उठाया. उन्होंने यह जताने की कोशिश की कि वे शासन-प्रशासन से जुड़ी हैं, इसलिए भुगतान या लेनदेन को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं है. व्यापारी ने जब सरकारी महकमे से जुड़ा नाम सुना, तो उसने एक झटके में 37 लाख और फिर अगली बार 1.73 करोड़ के जेवर बिना किसी सत्यापन के सौंप दिए.

दो चरणों की सोची-समझी चाल 

यह ठगी किसी जल्दबाजी में किया गया अपराध नहीं, बल्कि एक बेहद शातिर तरीके से बुना गया जाल था. 24 अगस्त को पहली बार आना, कुछ आभूषण लेना, जिसके एवज में आंशिक भुगतान (250 ग्राम सोना और 7 लाख नकद) कर व्यापारी का पूरा भरोसा जीत लेना. इसके बाद महज दो दिन बाद (26 अगस्त को) दोबारा आना और पहले के भरोसे का लाभ उठाकर सीधे 1.73 करोड़ रुपये के सोने, चांदी और हीरे के बेशकीमती जेवर बटोर लेना. यह रणनीति अपराधियों के पेशेवर होने की गवाही देती है. आरोपियों ने भुगतान के लिए जो चेक दिए, उनमें से 15 लाख के चेक पर जानबूझकर गलत हस्ताक्षर किए गए थे. यह अपराधियों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक पुराना लेकिन असरदार तरीका है, जिससे पुलिस या बैंक में मामला पहुंचने पर भी कुछ हफ्तों का अतिरिक्त समय मिल जाता है, तब तक आरोपी फरार होने या माल ठिकाने लगाने की जुगत कर लेते हैं.

महिला अपराधियों का नया ट्रेंड

इस मामले में मुख्य आरोपी किरण साहू और उसकी फरार साथी की संलिप्तता यह दर्शाती है कि अब बड़े आर्थिक अपराधों और सुनियोजित ठगी में महिलाओं का इस्तेमाल या उनकी सीधी भागीदारी एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है. आमतौर पर पॉश दुकानों में महिला ग्राहकों पर संदेह कम होता है, और शातिर अपराधी इसी जेंडर बायस का फायदा उठाते हैं.

पुलिस ने कर लिया गिरफ्तार

घटना के बाद एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी किरण साहू को सरोरा (उरला) से गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, दूसरी महिला साथी की तलाश अभी भी बनी हुई है और 1.88 करोड़ के इन जेवरों की बरामदगी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

ये खबर भी जरूर पढ़ेंः डिप्टी-कलेक्टर पर पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप, कहा-प्रेग्नेंसी के दौरान मारपीट हुई, दहेज भी मांगा

ज़रूर पढ़ें