छत्तीसगढ़ में बस का सफर हुआ महंगा, रायपुर से हर रूट का किराया बढ़ा, जानिए कहां कितना देना होगा

Chhattisgarh Bus Fare Hike: ये बढ़ोतरी एक साल के अंदर दूसरी बार हुई है. पिछले साल सरकार ने प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से घटाकर 1 रुपये किया था, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी. लेकिन इस बार की बढ़ोतरी ने वो राहत पूरी तरह खत्म कर दी है.
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Chhattisgarh Bus Fare Hike: छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है. अब यहां सफर करना फिर महंगा हो गया है. सरकार ने एक बार फिर यात्री बसों का किराया बढ़ा दिया है. इसका असर उन लोगों पर पड़ा है जो हर दिन बस से ट्रैवल करते हैं. परिवहन विभाग की नई अधिसूचना के अनुसार अब साधारण बस में हर किलोमीटर 1 रुपये की जगह 1 रुपये 75 पैसे देने पड़ेंगे. इतना ही नहीं, पहले 5 किलोमीटर का न्यूनतम किराया भी 8 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है.

लंबी दूरी के सफर में कितना बढ़ेगा खर्च?

  • नई दरें लागू होते ही लंबी दूरी के यात्रियों का बजट बिगड़ जाएगा.
  • रायपुर-बिलासपुर: पहले 133 रुपये लगता था, अब 228 रुपये देना होगा. करीब 95 रुपये ज्यादा.
  • रायपुर-जगदलपुर: 300 रुपये की जगह अब 521 रुपये का टिकट मिलेगा. 221 रुपये का सीधा झटका.
  • रायपुर-अंबिकापुर: अब 230 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे.
  • रायपुर-जशपुर: सफर 346 रुपये महंगा हो गया है.
  • ये बढ़ोतरी सिर्फ साधारण बसों तक सीमित नहीं है. डीलक्स, लग्जरी और एसी स्लीपर बसों का किराया भी इसी अनुपात में बढ़ाया गया है.

एक साल में दूसरी बार झटका

गौर करने वाली बात ये है कि ये बढ़ोतरी एक साल के अंदर दूसरी बार हुई है. पिछले साल सरकार ने प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से घटाकर 1 रुपये किया था, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी. लेकिन इस बार की बढ़ोतरी ने वो राहत पूरी तरह खत्म कर दी है.

ऑपरेटरों की जिद के आगे झुकी सरकार?

बस मालिकों ने पिछले कई दिनों से किराया बढ़ाने के लिए दबाव बनाया हुआ था. उनका कहना था कि डीजल महंगा हो गया है, टायर, स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस का खर्च आसमान छू रहा है. पुराने किराए में बस चलाना घाटे का सौदा बन गया है. ऑपरेटरों ने सरकार को साफ चेतावनी दी थी कि अगर किराया नहीं बढ़ा तो बसें खड़ी कर दी जाएंगी और हड़ताल होगी. इसी दबाव के बाद परिवहन विभाग ने 8 अक्टूबर को नई दरों की अधिसूचना जारी कर दी.

बताते चलें कि, प्रदेश में कुल 13 हजार से अधिक बसें रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से लगभग 5 हजार साधारण बसें हैं.इन्हीं बसों में गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सफर करते हैं. अब उनकी रोज की यात्रा का खर्च अचानक बढ़ गया है.

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