कौन थी शिवानी शर्मा? मौत के बाद 3 लोगों को दी नई जिंदगी, PM मोदी ने ‘मन की बात’ में किया जिक

PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में नर्मदापुरम जिले की रहने वाली शिवानी शर्मा और उनके परिवार की जमकर तारीफ की है. पर‍िवार के एक फैसले की वजह से 3 लोगों को नया जीवन मिला था.
pm modi man ki bat

पीएम मोदी ने की श‍िवानी के पर‍िवार की तारीफ

PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड का प्रसारण किया गया. जिसमें उन्‍होंने मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की रहने वाली शिवानी शर्मा की बात की. पीएम मोदी ने श‍िवानी की जमकर तारीफ की. शि‍वानी की मौत एक ड़क हादसे में हो गई थी. लेकिन उनके परिवार के एक फैसले ने तीन लोगों को नया जीवन दे दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में शिवानी और उनके परिवार के इस कदम की सराहना की.उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार ने जो निर्णय लिया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है.

कौन थीं शिवानी शर्मा

शिवानी शर्मा मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी ब्लॉक के खापा खुर्द गांव की रहने वाली थीं. उनका नाम बिलास टांती शर्मा भी बताया गया है. 10 अक्टूबर को वह अपने परिवार के साथ सलकनपुर स्थित विजयासन देवी मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थीं. इसी दौरान वह एक गंभीर सड़क हादसे का शिकार हो गईं. हादसे में उनके सिर पर गहरी चोट आई, जिसके बाद उन्हें भोपाल के एम्स में भर्ती कराया गया.

डॉक्टरों ने 14 अक्टूबर को शिवानी को ब्रेन-स्टेम डेड घोषित कर दिया. इसका मतलब था कि उनके मस्तिष्क के जरूरी काम स्थायी रूप से बंद हो चुके थे और उनके ठीक होने की संभावना नहीं थी. इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हालांकि, इस मुश्किल समय में परिजनों ने ऐसा फैसला लिया, जिसने कई लोगों की जिंदगी बदल दी.

अंगदान से तीन लोगों को मिला जीवन

शिवानी के परिवार ने उनके अंगदान का फैसला लिया. इसके बाद चिकित्सा प्रक्रिया के तहत उनका लिवर और दोनों किडनी दान के लिए निकाली गईं. इन अंगों का प्रत्यारोपण तीन जरूरतमंद मरीजों में किया गया. इस तरह शिवानी के अंगों की मदद से तीन लोगों को नई जिंदगी जीने का अवसर मिला.

PM मोदी ने क्यों की तारीफ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में शिवानी के परिवार के फैसले को मानवता की मिसाल बताया. उन्होंने कहा कि अंगदान का निर्णय दूसरे परिवारों की जिंदगी में खुशियां लौटा सकता है. यह कदम चिकित्सा विज्ञान और शोध के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

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