Ambikapur: छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के उपायुक्त और बाबू 65 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, मूल्यांकन के नाम पर ले रहे थे घूस

Ambikapur: अंबिकापुर में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कार्यालय में पोस्टेड उपायुक्त और एक बाबू को 65000 रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है.
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Ambikapur: अंबिकापुर में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कार्यालय में पोस्टेड उपायुक्त और एक बाबू को 65000 रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. उपायुक्त और बाबू, एक ठेकेदार से मूल्यांकन और निर्माण पूरा करने की अवधि बढ़ाने के नाम पर एक लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहे थे, लेकिन ठेकेदार जब इतना रुपए देने के लिए तैयार नहीं हुआ तब 65000 रूपये की डिमांड हुई और एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दबिश देकर उपायुक्त और लिपिक को गिरफ्तार किया है.

क्या है पूरा मामला?

  • हाउसिंग बोर्ड के ठेकेदार रवि कुमार ने 20 जनवरी को ACB में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया कि वह ठेकेदारी का कार्य करता है.
  • साल 2023 में हाउसिंग बोर्ड कार्यालय संभाग अम्बिकापुर से 65 लाख रूपये की लागत से नवीन तहसील भवन डौरा कुचली जिला बलरामपुर एवं वर्ष 2023 में 43.51 लाख रूपये की लागत से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय लुण्ड्रा के 6 अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य का निविदा निकलने के पर निविदा भरा.
  • इसके बाद निर्माण कार्य कराया गया जो समय पर पूर्ण नहीं होने के कारण विभाग में अंतिम समयावृद्धि व भवन के भौतिक सत्यापन के लिए आवेदन दिया.
  • निर्माण पूर्ण होने के पश्चात् नवीन तहसील भवन निर्माण कार्य का लगभग 28 लाख रूपये एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय लुण्ड्रा में 6 अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य का लगभग 7.50 लाख रूपये का भुगतान गृह निर्माण मण्डल वृत्त अम्बिकापुर के द्वारा किया जाना था.
  • लेकिन कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं अंतिम समयावृद्धि की अनुसंशा करने के एवज में उपायुक्त (अधीक्षण अभियंता) गृह निर्माण मण्डल वृत्त पूनम चन्द अग्रवाल के द्वारा 1 लाख रूपये रिश्वत की मांग किया गया था.

हाउसिंग बोर्ड के उपायुक्त और बाबू 65 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

शिकायत का सत्यापन कराया गया जिसमें आरोपी पूनम चन्द अग्रवाल के द्वारा दोनो कार्यों का 30-30 हजार रूपये के हिसाब से कुल 60 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लेने की सहमति दी गई. इस पर ACB ने आज ट्रेप कार्यवाही अयोजित किया. इसके बाद ठेकेदार को रिश्वत का रकम 60 हजार रुपये लेकर आरोपी पूनम चन्द अग्रवाल को देने के लिये भेजा गया तो आरोपी ने वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा को देने के लिये कहा गया. जब ठेकेदार अनिल सिन्हा से मिला तो उनके द्वारा कहा गया कि उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल के द्वारा आपसे 60 हजार रूपये नहीं बल्कि 70 हजार रुपये लेने के लिये कहा गया है.

इस पर ठेकेदार ने बाबू को कहा, इसके अलावा मेरे पास कोई पैसा नहीं है तब वरिष्ठ अनिल सिन्हा के द्वारा कहा गया कि जाईये कहीं से लेकर आईये कम से कम 65 हजार रुपये तो देना ही पड़ेगा। इस पर वह अतिरिक्त 5 हजार रुपये लेकर गया. इस पर फिनाफ्थलीन पावडर लगे रिश्वती रकम 60 हजार रुपये के साथ कुल 65 हजार रुपये रिश्वत देने हेतु अनिल सिन्हा के पास भेजा गया जिसके द्वारा रिश्वती रकम 65 हजार रुपये प्राप्त कर एवं उसमें से अपने हिस्से का 5 हजार रुपये निकालकर उसे अपने टेबल की दराज में रख दिया गया तथा शेष रकम 60 हजार रुपये को ठेकेदार के साथ उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल को उसके कार्यालयीन कक्ष में जाकर दे दिया गया.

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ACB की टीम ने की कार्रवाई

उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल के द्वारा रिश्वत के रुपये को अपने टेबल में रखे मोबाइल स्टैण्ड से दबाकर टेबल में रखा. ठेकेदार के द्वारा इशारा किये जाने पर ACB टीम द्वारा उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल से 60 हजार रुपये एवं वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा से 5 हजार रुपये बरामद कर जप्ती की कार्यवाही की गई है. दोनों आरोपियों के विरूद्ध धारा 7, 12 पीसीएक्ट 1988 (यथा संशोधन 2018) के तहत कार्यवाही किया जा रही है.

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