Ambikapur: बड़े-बड़े व्यापारियों ने हड़पे नगर निगम के लाखों रुपए! 10 साल बाद भी अधिकारी नहीं कर सके वसूली
बड़े-बड़े व्यापारियों ने हड़पे नगर निगम के लाखों रुपए!
Ambikapur News: अंबिकापुर नगर निगम में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों ने नगर निगम को लाखों रुपए का चूना लगाया है. बेरोजगारों और छोटे-छोटे व्यवसायियों को अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड में नगर निगम को दुकान बनाकर आवंटित करना था, लेकिन यहां पर छोटे व्यवसाइयों को दरकिनार कर राजनीतिक संरक्षण वाले बड़े लोगों या उनके करीबी लोगों के नाम पर नगर निगम ने दुकान का आवंटन कर दिया. इसे 10 साल से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है, लेकिन इस बात का जिक्र अब इसलिए हो रहा है क्योंकि खुलासा हुआ है कि बड़े लोगों ने नगर निगम से दुकान लेने के बाद दुकान का प्रीमियम राशि आधा अधूरा ही जमा किया है. इन लोगों को नगर निगम के खाते में अभी भी 70 लाख से अधिक रुपए जमा करने हैं, लेकिन इसके बावजूद रुपए जमा नहीं किया जा रहे है.
भ्रष्टाचार की वजह से कंगाल नगर निगम
अंबिकापुर नगर निगम राजनैतिक वजहों और भ्रष्टाचार की वजह से जहां कंगाल हो रहा है. वहीं, ऐसे डिफाल्टर लोगों की वजह से भी नगर निगम की माली हालत खराब है. जानकारी के मुताबिक आज से 10 साल पहले प्रतीक्षा बस स्टैंड में करोड़ों रुपए की लागत से बने दुकान का आवंटन किया गया. दुकानों का प्रीमियम राशि 5 से 7 लाख रुपए तक था, लेकिन पहुंच रखने वाले लोगों ने एक-दो लाख रुपए ही जमा किया और दुकानों में कब्जा कर लिया. हैरानी तो इस बात की है कि पूरी प्रीमियम राशि जमा किए बिना आखिर इन्हें दुकान की चाबी कैसे सौंप दी गई. अगर इन्हें दुकान की चाबी दे भी दी गई है तो फिर इनके द्वारा कई कई बार नोटिस मिलने के बावजूद बकाया रुपए जमा नहीं किया जा रहा है तो फिर दुकानों में ताला नगर निगम क्यों नहीं लगा पा रहा है.
सवाल इसलिए क्योंकि जब आम आदमी अपने छोटे-छोटे टैक्स का पैसा समय पर जमा नहीं कर पाता है तो उसे कई बार नोटिस भेजा जाता है और जुर्माना तक लगाया जाता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है. इतना ही नहीं कई ऐसे छोटे-छोटे दुकानदार हैं, जिन्हें नगर निगम ने दुकान आवंटित किया है और उनके द्वारा अगर किराया देने में दो-चार महीना देरी किया जाता है. तब भी उन्हें जुर्माना जमा करना पड़ता है. ऐसे में स्पष्ट हो रहा है कि बड़े लोगों के सामने नगर निगम में घुटने टेक दिए हैं और यही वजह है कि नगर निगम की हालत खराब होती जा रही है.
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10 साल से नगर निगम के हक का रुपए दबा कर बैठे
प्रीमियम राशि पूर्ण रूप से जमा नहीं करने वालों में कुल 14 लोग हैं. इनमें दिनेश्वर प्रसाद सोनी 3,72,150 जमा नहीं किए हैं. मुरारी यादव को 3,68,400 जमा करने हैं. पंकज चौधरी को 5,52,000 नगर निगम को देने हैं. इसके अलावा जय श्री विजय पर 5,05,400 और नीरज साहू जिन्होंने अभी तक एक भी रुपए जमा नहीं किया है, उन्हें 5,55,000 और जय श्री विजय को 505400 नगर निगम को देना है. क्षितिज प्रजापति पर नगर निगम का 268850 रुपए और मानमती देवी पर 269950 रुपए बकाया है. इसी तरह अभिषेक सोनी पर 5,74,000 रुपए, राकेश सोनी पर 5,75,000, सतपाल सिंह पर 3,77,400 रुपए, इंद्रपाल सिंह पर 3,77,025 रुपए अशोक सिंह पर 4,89,400 और अतहर हुसैन पर 11 लाख 97 हजार 524 रुपए बकाया है.
किराया जमा नहीं करने वाली 8 दुकान सील
दूसरी तरफ नगर निगम के राजस्व प्रभारी विजय कुजूर ने बताया कि सोमवार को बस स्टैंड में आठ दुकानों को सील किया गया है क्योंकि दुकानदार दुकान का किराया कई महीनों से नगर निगम में जमा नहीं कर रहे थे. हर दुकान पर चार से ₹500000 का किराया बकाया था. वहीं, उनसे जब सवाल किया गया कि प्रीमियम नहीं जमा करने वालों के खिलाफ कब करवाई की जाएगी तो उनका कहना था कि इसकी तैयारी चल रही है.