Exclusive: बारसे देवा ने दी इतिहास के सबसे बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन की जानकारी, बताया हिडमा के साथ कैसे जान बचाकर भागा

Exclusive: हिडमा के सबसे करीबी साथी और नक्सलियों के बटालियन नंबर 1 के कमांडर बारसे देवा ने सरेंडर कर दिया है. इस आत्मसमर्पण के बाद उसने विस्तार न्यूज के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की और कई खुलासे भी किए हैं.
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बारसे देवा का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

Exclusive Barse Deva: 3 जनवरी 2026 को हैदराबाद में हिडमा का सबसे करीबी साथी और नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 का इंचार्ज बारसे देवा ने सरेंडर कर दिया है. खूंखार नक्सली लीडर वर्तमान में तेलंगाना पुलिस की कस्टडी में है. इस दौरान उसने विस्तार न्यूज के संवाददाता संजय ठाकुर और रौनक शिवहरे के साथ खास बातचीत की. इस बातचीत के दौरान देवा ने कई सवालों के जवाब देते हुए खुलासे किए. इन सवालों में यह भी शामिल है, जब कर्रेगुट्टा की पहाड़ी में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट चला तो वह हिडमा के साथ कैसे भाग निकला. इस बारे में भी उसने जानकारी दी.

देवा ने दी सबसे बड़े ऑपरेशन की जानकारी

विस्तार न्यूज के साथ खास बातचीत के दौरान बारसे देवा ने इतिहास के सबसे बड़े एंटी नक्सल ऑपेशन (ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट) की जानकारी दी. कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर 21 दिनों तक चले इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए देवा ने बताया- ‘हम अप्रैल में कर्रेगुट्टा में थे. हमने सोचा था कि ऑपरेशन एक-दो दिन का होगा, लेकिन यह काफी बड़ा था, जो हमने कभी नहीं सोचा था. 22 अप्रैल की सुबह करीब 6.30 बजे हमला शुरू हुआ. मैं अप्रैल के लास्ट तक कर्रेगुट्टा के ऊपर था. वो ऑपरेशन काफी बड़ा और लंबा है यह समझकर हम अलग-अलग टीम करके बाहर निकल गए.’

जय-वीरू’ थे हिडमा और देवा

खूंखार नक्सली लीडर हिडमा और देवा दोनों एक ही गांव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पूर्वती के रहने वाले थे. दोनों को नक्सल संगठन में ‘जय और वीरू’ की जोड़ी कहा जाता था. देवा साल 2003 में नक्सल संगठन में भर्ती हुआ था. वहीं, हिडमा को देखकर नक्सल संगठन में आने के सवाल का जवाब देते हुए देवा ने बताया कि वह हिडमा को अपना भाई समझता था. देवा नक्सल संगठन में हिडमा को देखकर नहीं आया था. दोनों अलग-अलग विषय से संगठन में जुड़े थे.

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