CG Coal Scam: ED की बड़ी कार्रवाई, सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ की संपत्ति अटैच

CG Coal Scam: छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है. ED रायपुर जोनल ऑफिस ने सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर के नाम 8 अचल प्रॉपर्टीज को अटैच किया है, जिनकी कीमत 2.66 करोड़ रुपए है. ये सभी प्रॉपर्टी कोयले लेवी की गैर-कानूनी वसूली और दूसरी जबरदस्ती वसूली से हुई कमाई से खरीदी गई थीं.
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कोयला घोटाला मामले से जुड़ी बड़ी खबर

CG Coal Scam: छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है. ED रायपुर जोनल ऑफिस ने इस केस की जांच करते हुए आठ अचल प्रॉपर्टीज अटैच की थी, जिनकी कीमत 2.66 करोड़ रुपए है. ये सभी संपत्तियां सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर के नाम पर थीं. जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी प्रॉपर्टी कोयले लेवी की गैर-कानूनी वसूली और दूसरी जबरदस्ती वसूली से हुई कमाई से खरीदी गई थीं. अब इस कार्रवाई को लेकर ED की ओर से प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया गया है.

कोल लेवी घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई

डायरेक्टरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ED) रायपुर जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी किया है. इसमें जमीन के टुकड़े और रहने वाले फ्लैट वाली आठ अचल प्रॉपर्टीज अटैच की गई हैं, जिनकी कीमत 2.66 करोड़ रुपए है. ये प्रॉपर्टीज आरोपी यानी सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर, तय जुर्म यानी कोयले से लेवी की गैर-कानूनी वसूली और दूसरी जबरदस्ती वसूली से हुई कमाई से खरीदी थीं.

ED ने बेंगलुरु पुलिस द्वारा रजिस्टर की गई FIR नंबर 129/2022; इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा फाइल की गई प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट नंबर 3167/2023 तारीख 19.06.2023 और EOW/ACB, रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में कोयला लेवी के गैर-कानूनी कलेक्शन के मामले में रजिस्टर की गई FIR नंबर 03/2024 तारीख 11.01.2024 के आधार पर जांच शुरू की.

पैसे वसूलने के लिए बनाया था रैकेट

जांच से पता चला है कि कुछ प्राइवेट लोगों के एक ग्रुप ने राज्य के बड़े नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स के साथ मिलकर, जुलाई 2020 से जून 2022 के समय में कोयला ट्रांसपोर्टरों से 25 रुपए प्रति टन कोयले की दर से पैसे वसूलने के लिए एक रैकेट बनाया था. इस दौरान, सिंडिकेट ने गैर-कानूनी तरीके से लगभग 540 करोड़ रुपये इकट्ठा किए. वसूले गए कैश, जो क्राइम से हुई कमाई (POC) है का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों और नेताओं को रिश्वत देने, चुनाव से जुड़े खर्चों के लिए फंड जुटाने और चल-अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया. अब तक आरोपियों की 273 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी की पहचान करके उन्हें अटैच कर लिया गया है.

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जांच के दौरान ED ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है और अब तक 35 आरोपियों के खिलाफ माननीय स्पेशल कोर्ट (PMLA) में पांच प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट फाइल की गई हैं. आगे की जांच चल रही है.

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