छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में EOW का बड़ा एक्शन, केके श्रीवास्तव और देवेन्द्र डड़सेना गिरफ्तार
EOW का बड़ा एक्शन
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है और नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं. पहले से जेल में बंद देवेंद्र डडसेना और केके श्रीवास्तव की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं. ED के बाद अब EOW भी इस मामले में सक्रिय हो गया है. जानकारी के मुताबिक EOW ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट की याचिका लगाई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. वहीं, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 13 जनवरी तक EOW की रिमांड में सौंप दिया है.
दोनों आरोपियों से होगी पूछताछ
इस दौरान अधिकारी शराब घोटाले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर उनसे पूछताछ करेंगे. जांच में सामने आया है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य की शराब नीति में बदलाव कर बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. लाइसेंस की शर्तें इस तरह तय की गईं कि चहेती कंपनियों को ही फायदा मिले. इन कंपनियों के जरिए नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाई गई, जिनका निर्माण नोएडा की एक कंपनी से कराया गया था.
नकली होलोग्राम लगी महंगी शराब सरकारी दुकानों के माध्यम से बेची गई. नकली होलोग्राम होने के कारण शराब बिक्री का पूरा रिकॉर्ड शासन तक नहीं पहुंचता था, जिससे बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही. जांच एजेंसियों ने इस घोटाले को लगभग 3 हजार करोड़ का बताया है. आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल कांग्रेस भवन निर्माण से लेकर नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों तक बांटने में किया गया.
शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं, आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की भी जमानत हुई है.
आपको बता दें कि इस घोटाले की जांच ED और EOW दोनों ही पैरलल में कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने इस तरह के खुलासे किए हैं.